SIMBEX वर्ष 1993 से शुरू किया गया था।

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भारतीय नौसेना ने हाल ही में MRSAM मिसाइल (मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार कर सकने वाली मिसाइल) का सफल परीक्षण किया। यह परीक्षण भारतीय नौसेना, रक्षा अनुसन्धान व विकास संगठन व इजराइल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज द्वारा मिलकर किया गया। इस मिसाइल को भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा निर्मित किया गया है।

MRSAM मिसाइल:

  • MRSAM, मीडियम रेंज सरफेस टू एयर मिसाइल का संक्षिप्त रूप हैं।
  • MRSAM मिसाइल को DRDO ने इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज के साथ मिलकर डिजाईन किया है।
  • इसका निर्माण भारत डायनामिक्स लिमिटेड ने किया है।
  • ये मिसाइलें भविष्य में भारतीय नौसेना के सभी प्रमुख युद्धपोतों पर तैनात होंगी।
  • यह मिसाइलें कोलकाता श्रेणी के विध्वंसकों से लैस हैं।
  • यह 2469.6 किमी प्रति घंटे की गति से दुश्मन पर कर हमला सकती है।
  • यह मिसाइल 14.76 फीट लंबी और 276 किलोग्राम वजनी है।
  • यह मिसाइल 70 किमी के दायरे में आने वाली मिसाइलों, लड़ाकू विमानों, हेलीकॉप्टरों, ड्रोनों, निगरानी विमानों को मार गिराएगी।
  • यह हवा से एकसाथ आने वाले कई दुश्मनों पर 360 डिग्री में घूमकर एकसाथ हमला कर सकती है।

इजरायल से MRSAM का समझौता:

DRDO ने MRSAM मिसाइल के लिए इजरायल एयरोस्‍पेस इंडस्‍ट्रीज (IAI) के साथ 17 हजार करोड़ रुपये के करार पर दस्तखत किए हैं। इसके तहत 40 लॉन्चर्स और 200 मिसाइलें तैयार होंगी। MRSAM को INS विक्रांत और नेवी के कोलकाता-क्लास डेस्ट्रॉयर्स पर इंस्टॉल किया जाएगा। अमेरिका और रूस के साथ अब इजरायल भी भारत के लिए हथियारों का सबसे बड़ा सप्लायर बन गया है।