IIT मद्रास द्वारा CO2 और CH4 के हाइड्रेट्स की खोज

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हाल ही में IIT (Indian Institute of Technology) मद्रास के शोधकर्त्ताओं द्वारा प्रयोगशाला में एक निश्चित तापमान और दाब पर मीथेन और कार्बन डाइऑक्साइड के हाइड्रेट बनाए गए।

IIT मद्रास के शोधकर्ताओं ने प्रयोगशाला में अंतर-तारकीय वातावरण (Interstellar Atmosphere) तैयार कर मीथेन (CH4) और कार्बन डाइऑक्साइड (CO2) गैस के हाइड्रेट्स प्राप्त किये।

जल और मीथेन को मूल रूप से -263 डिग्री सेल्सियस (10k) से -243 डिग्री सेल्सियस (30K) तक लाया गया।

मौजूद मीथेन का लगभग 10% 25 घंटों के बाद हाइड्रेट रूप में पाया गया और 75 घंटों में अधिकांश मीथेन हाइड्रेट में परिवर्तित हो गया।

गैस, गैस हाइड्रेट में तब परिवर्तित होती है जब मीथेन जैसी गैस जल के क्रिस्टलीय अणुओं के बीच आ जाती है। स्थल पर गैस हाइड्रेट प्राकृतिक रूप से समुद्र के अंदर और ग्लेशियरों में उच्च दबाव एवं कम तापमान की स्थिति में बनते हैं। मीथेन हाइड्रेट प्राकृतिक गैस का एक संभावित स्रोत है।

IIT के एक प्रोफेसर ने बताया कि CO2 हाइड्रेट CH4 हाइड्रेट की तुलना में थर्मोडायनामिक रूप से अधिक स्थिर है। क्योंकि समुद्र में CO2 की मात्रा बढ़ रही है। अगर समुद्र तल के नीचे मीथेन हाइड्रेट लाखों वर्षों तक स्थिर रहता है तो समुद्र तल के नीचे ठोस हाइड्रेट के रूप में गैसीय CO2 को परिवर्तित करना संभव होगा।

ध्यान देने योग्य है कि CO2 हाइड्रेट – एक बर्फ जैसा क्रिस्टलीय पदार्थ है जो ठोस जल (H2O) और CO2 से बनता है और CH4 हाइड्रेट – बर्फ के अंदर पाया जाने वाली मिथेन गैस होती है।