3 मार्च: विश्व वन्यजीव दिवस

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प्रत्येक वर्ष 3 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विश्व वन्यजीव दिवस (वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे) का आयोजन किया जाता है। वर्ष 2018 में आयोजित विश्व वन्यजीव दिवस का विषय “Big cats: predators under threat” है।

उल्लेखनीय है कि वन्यजीवों एवं वनस्पतियों की संकटापन्न प्रजातियों में अंतर्राष्ट्रीय व्यापार पर हुए अभिसमय (CITES Convention, 1973) की कांफ्रेंस ऑफ पार्टीज की 16वीं बैठक (बैंकाक, 2013) में थाईलैंड ने 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस के रूप में मनाने संबंधी एक प्रस्ताव रखा था। 3 मार्च को इस दिवस हेतु चुनने के पीछे कारण यह था कि इसी दिन CITES अभिसमय को अपनाया गया था। थाईलैंड के इस प्रस्ताव के उपरान्त संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने 68वें अधिवेशन में 20 दिसंबर 2013 को यह निर्णय किया कि 3 मार्च को प्रतिवर्ष विश्व वन्यजीव दिवस के रूप में मनाया जाएगा। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने CITES सचिवालय से इस दिवस के क्रियान्वयन संबंधी व्यवस्थाएं देखने का आग्रह किया था।

भारत में स्थिति:

  • भारत में वन और वन्‍यजीवों को संविधान की समवर्ती सूची में रखा गया है। 
  • वन्य जीवों के संरक्षण हेतु, भारत के संविधान में 42 वें संशोधन (1976) अधिनियम के द्वारा दो नएअनुच्छेद 48-। व 51 को जोड़कर वन्य जीवों से संबंधित विषय के समवर्ती सूची में शामिल किया गया। 
  • वन्य जीवों को विलुप्त होने से रोकने के लिए सर्वप्रथम 1872 मेंवाइल्ड एलीफेंट प्रिजर्वेशन एक्ट पारित हुआ था।  
  • 1927 मेंभारतीय वन अधिनियम अस्तित्व में आया, जिसके प्रावधानों के अनुसार वन्य जीवों के शिकार एवं वनों की अवैध कटाई को दण्डनीय अपराध घोषित किया गया।  
  • स्वतंत्रता के पश्चात, भारत सरकार द्वाराइंडियन बोर्ड फॉर वाइल्ड लाइफ की स्थापना की गई।  
  • 1956 में पुन: भारतीय वन अधिनियम पारित किया गया।
  • 1972 मेंवन्यजीव संरक्षण अधानियम पारित किया गया। यह एक व्यापक केन्द्रीय कानून है, जिसमें विलुप्त होते वन्य जीवों तथा अन्य लुप्त प्राय: प्राणियों के संरक्षण का प्रावधान है।  
  • वन्य जीवों की चिंतनीय स्थिति में सुधार एवं वन्य जीवों के संरक्षण के लिएराष्ट्रीय वन्यजीव योजना 1983 में प्रारंभ की गई। 
  • वन्‍यजीव संरक्षण संबंधीपांच प्रमुख अंतर्राष्‍ट्रीय कन्‍वेंशनों—कन्‍वेंशन ऑन इंटरनेशनल ट्रेड इन एनडेजर्ड स्‍पीसीज ऑफ वाइल्‍ड फौना एंड फ्लोरा (साइट्स), इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर एंड नेचुरल सोर्सेज (आईयूसीएन), इंटरनेशनल व्‍हेलिंग कमीशन (आईआरयूसी) तथा कन्‍वेशन ऑन माइग्रेटरी स्‍पीसीज (सीएमएस) में भारत की भी भागीदारी है। 
  • 1982 मेंभारतीय वन्‍यजीव संस्‍थान (डब्‍ल्‍यूआईआई) की स्‍थापना की गई। यह संस्‍थान मंत्रालय के प्रशासनिक नियंत्रण के अंतर्गत एक स्‍वशासी संस्‍थान है जिसे वन्‍यजीव संरक्षण क्षेत्र के प्रशिक्षण और अनुसंधानिक संस्‍थान के रूप में मान्‍यता दी गई है।