21 सितंबर: अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस

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विश्व शांति दिवस अथवा ‘अंतर्राष्ट्रीय शांति दिवस’ प्रत्येक वर्ष 21 सितंबर को मनाया जाता है। यह दिवस सभी देशों और लोगों के बीच स्वतंत्रता, शांति और खुशी का एक आदर्श माना जाता है। वर्ष 2017 का विषय था – आदर, सुरक्षा और सभी के लिए सम्मान (Respect, Safety and Dignity for All)।

‘विश्व शांति दिवस’ मुख्य रूप से पूरी पृथ्‍वी पर शांति और अहिंसा स्थापित करने के लिए मनाया जाता है। शांति सभी को प्यारी होती है। इसकी खोज में मनुष्य अपना अधिकांश जीवन न्यौछावर कर देता है। किंतु यह काफ़ी निराशाजनक है कि आज इंसान दिन-प्रतिदिन इस शांति से दूर होता जा रहा है। आज चारों तरफ़ फैले बाज़ारवाद ने शांति को व्यक्ति से और भी दूर कर दिया है। पृथ्‍वी, आकाश व सागर सभी अशांत हैं। स्वार्थ और घृणा ने मानव समाज को विखंडित कर दिया है। यूँ तो ‘विश्व शांति’ का संदेश हर युग और हर दौर में दिया गया है, लेकिन इसको अमल में लाने वालों की संख्या बेहद कम रही है।

‘विश्व शांति दिवस’ के उपलक्ष्य में हर देश में जगह-जगह सफेद रंग के कबूतरों को उड़ाया जाता है, जो कहीं ना कहीं ‘पंचशील’ के ही सिद्धांतों को दुनिया तक फैलाते हैं। ‘विश्व शांति दिवस’ के अवसर सफ़ेद कबूतर उड़ाने की परंपरा बहुत पुरानी है, पर इन कबूतरों को उड़ाने के पीछे एक शायर का निम्न शेर बहुत ही विचारणीय है।

इतिहास:

वर्ष 1982 से शुरू होकर 2001 तक सिंतबर महीने का तीसरा मंगलवार ‘अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस’ या ‘विश्व शांति दिवस’ के लिए चुना जाता था, लेकिन वर्ष 2002 से इसके लिए 21 सितंबर का दिन घोषित कर दिया गया।

उद्देश्य:                                                  

सम्पूर्ण विश्व में शांति कायम करना आज संयुक्‍त राष्‍ट्र का मुख्य लक्ष्य है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर में भी इस बात का स्पष्ट उल्लेख है कि अंतर्राष्ट्रीय संघर्ष को रोकने और शांति की संस्कृति विकसित करने के लिए ही यूएन का जन्म हुआ है। संघर्ष, आतंक और अशांति के इस दौर में अमन की अहमियत का प्रचार-प्रसार करना बेहद जरूरी और प्रासंगिक हो गया है। इसलिए संयुक्त राष्ट्रसंघ, उसकी तमाम संस्थाएँ, गैर-सरकारी संगठन, सिविल सोसायटी और राष्ट्रीय सरकारें प्रतिवर्ष 21 सितंबर को ‘अंतर्राष्ट्रीय  शांति दिवस’ का आयोजन करती हैं। शांति का संदेश दुनिया के कोने-कोने में पहुँचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने कला, साहित्‍य, सिनेमा, संगीत और खेल जगत की विश्वविख्यात हस्तियों को शांतिदूत भी नियुक्त कर रखा है। संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा ने तीन दशक पहले यह दिन सभी देशों और उनके निवासियों में शांतिपूर्ण विचारों को सुदृढ़ बनाने के लिए समर्पित किया था।