19वीं भारत – रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन S-400 मिसाइल डिफेंस डील | नई दिल्ली

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को 19वें भारत रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन के दौरान मिले। इस बैठक में दोनों नेता ने अनेक द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की। बैठक में S-400 मिसाइल डिफेंस डील फाइनल हो गई है।

पांच बिलियन डॉलर की इस मैगा डिफैंस डील से अब वायुसेना को 2020 तक S-400 मिसाइल मिल जाएगी। S-400 के अलावा रक्षा, अंतरिक्ष, व्यापार, ऊर्जा और पर्यटन जैसे क्षेत्रों पर भी समझौते हुए। पुतिन गुरुवार को दो दिवसीय यात्रा पर भारत आए हैं।

पांच बिलियन डॉलर की इस मैगा डिफैंस डील पर अमरीका काऊंटरिंग अमेरिकन एडवर्सरीज सैंक्शन्स (काटसा) प्रतिबंध लगा सकता है। पिछले महीने अमरीका ने चीन पर यही बैन लगाया था। तब चीन ने रूस से लड़ाकू विमान और मिसाइल डिफैंस सिस्टम खरीदा था। भारत अपने वायु रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए लंबी दूरी की मिसाइल प्रणाली खरीदना चाहता है, खासतौर पर लगभग 4,000 किलोमीटर लंबी चीन-भारत सीमा के लिए। इसमें दुश्मनों के लड़ाकू विमान गिराने की जबरदस्त क्षमता है।

यह मिसाइल 400 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर उड़ रहे ड्रोन को आसमान में ही खत्म कर सकता है। इतना ही नहीं, एस-400 में अमेरिका के सबसे एडवांस्ड फाइटर जेट एफ-35 को गिराने की भी ताकत है। अगर यह डील फाइल हो जाती है तो चीन के बाद भारत के पास भी यह ताकत होगी। बता दें कि चीन ने भी रूस से इस मिसाइल को खरीदा है।

अमरीकी प्रतिबंध के साए में भारत और रूस एस-400 डिफैंस मिसाइल सिस्टम डील पर सहमति करने के लिए तैयार है। पांच बिलियन डॉलर की इस मैगा डिफैंस डील पर अमरीका काऊंटरिंग अमेरिकन एडवर्सरीज सैंक्शन्स (काटसा) प्रतिबंध लगा सकता है। पिछले महीने अमरीका ने चीन पर यही बैन लगाया था। तब चीन ने रूस से लड़ाकू विमान और मिसाइल डिफैंस सिस्टम खरीदा था।

भारत अपने वायु रक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए लंबी दूरी की मिसाइल प्रणाली खरीदना चाहता है, खासतौर पर लगभग 4,000 किलोमीटर लंबी चीन-भारत सीमा के लिए। इसमें दुश्मनों के लड़ाकू विमान गिराने की जबरदस्त क्षमता है। यह मिसाइल 400 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर उड़ रहे ड्रोन को आसमान में ही खत्म कर सकता है।