115 आकांक्षी जिलों में स्वजल योजना शुरू की गई

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केंद्रीय पेयजल व स्वच्छता मंत्रालय द्वारा राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम में सुधार की जरुरत व स्वजल योजना हेतु एक रोडमैप बनाने हेतु एक बैठक में भारत के 115 आकांक्षी जिलों में स्वजल योजना आरम्भ करने की घोषणा की गयी।

इसमें मौजूदा राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम (NRDWP) बजट के तहत फ्लेक्सी-फंड के माध्यम से 700 करोड़ रुपये का व्यय शामिल होगा।

स्वजल योजना:

स्वजल योजना, सतत पेयजल आपूर्ति कार्यक्रम तथा समुदाय स्वामित्व वाली पेयजल योजना है। योजना की 90% लागत सरकार द्वारा वित्त पोषित की जाएगी जबकि शेष 10% लागत का योगदान लाभार्थी समुदाय द्वारा किया जाएगा। परियोजना का संचालन और प्रबंधन का कार्य स्थानीय ग्रामीणों को सौपा गया है। इस योजना के तहत सरकार सौर ऊर्जा का उपयोग करके गांवों में पाइप के जरिए पेयजल की आपूर्ति करेगी। इसके अलावा, इस योजना के तहत स्वजल इकाइयों के संचालन और रखरखाव के लिए सैकड़ों ग्रामीण तकनीशियनों को प्रशिक्षित भी किया जाएगा।

आकांक्षी जिले:

केंद्र सरकार ने 2022 तक ‘नया भारत’ बनाने के सरकार के दृष्टिकोण की दिशा में सकारात्मक परिवर्तन के लिए 115 पिछड़े (महत्वाकांक्षी) जिलों का चयन किया है। नीति आयोग ने इन जिलों का चुनाव स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, वित्तीय समावेश और कौशल विकास, कृषि और जल संसाधन तथा बुनियादी आधारिक संरचना से संबंधित छह सामाजिक-आर्थिक मानकों पर किया।