1 जुलाई को ‘जीएसटी दिवस’ मनाया गया

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जीएसटी को एक साल पूरा होने पर सरकार ने 1 जुलाई, 2018 को ‘जीएसटी दिवस’ के रूप में मनाया। जीएसटी लागू करने का मकसद ‘एक देश- एक कर’ प्रणाली है जिसके तहत पूरे भारत में वस्तुओं का आवागमन एक से दूसरे कोने पर किसी भी बाधा के सहजता से हो। गौरतलब है कि गुड्स एवं सर्विस टैक्‍स (जीएसटी) पिछले साल 30 जून और 1 जुलाई की मध्यरात्रि में संसद के केंद्रीय हॉल में आयोजित एक समारोह में लॉन्च किया गया था।

जीएसटी एक मूल्य वर्धित कर है जो कि विनिर्माता से लेकर उपभोक्‍ता तक वस्‍तुओं और सेवाओं की आपूर्ति पर एक एकल कर है। प्रत्‍येक चरण पर भुगतान किये गये इनपुट करों का लाभ मूल्‍य संवर्धन के बाद के चरण में उपलब्‍ध होगा जो प्रत्‍येक चरण में मूल्‍य संवर्धन पर जीएसटी को आवश्‍यक रूप से एक कर बना देता है।

जीएसटी अलग-अलग स्तर पर लगने वाले एक्साइज ड्यूटी, एडिशनल एक्साइज ड्यूटी,सेंट्रल सेल्स टैक्स, वैट, लक्ज़री टैक्स, सर्विस कर, इत्यादि  की जगह अब केवल जीएसटी लगेगा।

वाणिज्य कर विभाग द्वारा जीएसटी दिवस पर ‘वाणिज्य कर आपके द्वार’ योजना भी शुरू की गयी है।

उपलब्धियां:

टैक्स वसूली:

सरकार का दावा है कि देश में जीएसटी लागू होने के पहले साल में कुल मिलाकर टैक्स कलेक्शन संतोषजनक रहा पर ज्यादातर राज्यों में तय लक्ष्य के मुताबिक टैक्स वसूली नहीं रहने के कारण साल के दौरान 47,843 करोड़ रुपए टैक्स क्षतिपूर्ति राज्यों को जारी किया गया। देश में जीएसटी एक जुलाई 2017 से लागू की गई। पिछले साल अगस्त- 2017 से मार्च 2018 तक जीएसटी राजस्व कुल मिलाकर 7.17 लाख करोड़ रुपए रहा।

ई-वे (इलेक्ट्रॉनिक वे) विधेयक:

ई-वे (इलेक्ट्रॉनिक वे) विधेयक के लागू किए जाने से देश भर में वस्तुओं की बाधामुक्त आवाजाही सुनिश्चित हुई है। निर्यातकों, छोटे व्यापारियों एवं उद्यमियों, कृषि एवं उद्योग, आम उपभोक्ताओं जैसे विभिन्न क्षेत्रों को होने वाले लाभ की वजह से जीएसटी का अर्थव्यवस्था पर कई प्रकार से सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

‘मेक इन इंडिया‘ को बढ़ावा:

जीएसटी पहले ही ‘मेक इन इंडिया‘ को बढ़ावा दे चुका है और इससे भारत में ‘व्यवसाय करने की सुगमता‘ में सुधार आया है। जीएसटी के तहत कई प्रकार के करों को समावेशित किए जाने से अप्रत्यक्ष करों की एक समन्वित प्रणाली ने भारत को एक आर्थिक संघ बनाने का रास्ता प्रशस्त कर दिया है।

जीएसटी लागू होने से सबसे बड़ा फायदा आम आदमी को होगा। पूरे देश में किसी भी सामान को खरीदने के लिए एक ही टैक्स चुकाना होगा। यानी पूरे देश में किसी भी सामान की कीमत एक ही रहेगी। जीएसटी लागू होने से टैक्स का ढांचा पारदर्शी होगा जिससे काफी हद तक टैक्स विवाद कम होंगे। इसके लागू होने से राज्यों को मिलने वाला वैट, मनोरंजन कर, लग्जरी टैक्स, लॉटरी टैक्स, एंट्री टैक्स आदि खत्म हो गए।

जीएसटी भारत को एक सामान्य बाजार में बदल देगी, इससे व्यापार करने में अधिक आसानी होगी और सभी क्षेत्रों में कंपनियों की लागतों में भारी बचत होगी। यह उद्योग, उपभोक्ता और सरकार के सभी हितधारकों को लाभ पहुंचाएगा। इससे माल और सेवाओं की लागत कम हो जाएगी जिससे  अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी उत्पादों और सेवाओं का लाभ पूरी तरह से उठाया जा सकेगा।