हैदराबाद में भारत का पहला आनुवंशिक संसाधन बैंक स्थापित

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हाल ही में राष्ट्रीय वन्यजीव आनुवंशिक संसाधन बैंक का उद्घाटन हैदराबाद, तेलंगाना में सेलुलर और आण्विक जीवविज्ञान प्रयोगशाला (Cellular and Molecular Biology Laboratory- CCMBL) के केंद्र में किया गया। यह भारत का पहला आनुवंशिक संसाधन बैंक है जहाँ आनुवंशिक सामग्री को भावी पीढ़ी के लिये संग्रहीत किया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य लुप्तप्राय और संरक्षित किये जाने योग्य जानवरों को संरक्षण प्रदान करना है।

यह आनुवंशिक संसाधनों को संरक्षित करने के लिए परिष्कृत उपकरणों से लैस है जिसका प्रयोग पशु प्रजातियों को विलुप्त होने के मामले में लगभग पुनरुत्थान के लिए किया जा सकता है।

यह भारत में लुप्तप्राय जंगली पशु प्रजातियों के जीवित सेल लाइनों, गैमेट्स और भ्रूण को क्रियोप्रेशर्व करेगा। क्रायोजेनिक संरक्षण के लिए, सेलुलर और आण्विक जीवविज्ञान -लाकोनस के शोधकर्ता तरल नाइट्रोजन का उपयोग करेंगे जो कम से कम 195 डिग्री सेल्सियस के नीचे ठंडा हो जाएगा।

यह कृत्रिम प्रजनन, विकास जीवविज्ञान और वन्यजीवन दवाओं में अध्ययन आयोजित करके जंगली जीवन संरक्षण प्रयासों की सहायता करेगा।

यह भारत की जैव विविधता और पर्यावरण की सुरक्षा में भी मदद करेगा। अब तक इस बैंक ने भारतीय जंगली जानवरों की 23 प्रजातियों के अनुवांशिक संसाधनों को एकत्र और संरक्षित किया है।

सेलुलर और आण्विक जीवविज्ञान प्रयोगशाला (CCMBL)

यह आधुनिक जीवविज्ञान के अग्रगामी क्षेत्रों में शोध करने वाला एक प्रमुख अनुसंधान संगठन है। इस अनुसंधान संगठन का उद्देश्य आधुनिक जीवविज्ञान के क्षेत्र में अग्रगामी एवं बहुआयामी शोधकार्य एवं उनके संभावित अनुप्रयोगों की खोज करना है। इसकी स्थापना दिनांक 01 अप्रैल, 1979 को हुई। वर्ष 1981-82 के दौरान सीसीएमबी को एक पूर्ण विकसित राष्ट्रीय प्रयोगशाला का दर्जा दिया गया।