हरियाणा के करनाल जिले से गोबरधन योजना शुरू की गई

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01 मई 2018 को केन्द्र सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र के निवासियों के जीवन स्तर में बेहतर बनाने एवं सुधार लाने हेतु गोबर-धन योजना की शुरूआत की हैं इस योजना की शुरूआत केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री उमा भारती और हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने करनाल के राष्ट्रीय डेयरी अनुसंधान से इस योजना की शुरूआत की।

गोबर-धन योजना को स्वच्छ भारत मिशन के तहत आरंभ किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन का प्रमुख लक्ष्य भारत को खुले में शौच से मुक्त बनाने के साथ ही शहरी और ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में स्वच्छता का प्रसार करना है। इन उद्देश्यों को गोबर-धन योजना के साथ एकीकृत कर इस दिशा में प्रगति की जा सकती है।

इस योजना के अन्तर्गत करनाल के एक गांव कुंजपुरा में पहला सयंत्र लगाया जायेगा। इस सयंत्र की स्थापना से गोबर और खेतों के ठोस अपशिष्ट पदार्थों को कम्पोस्ट, बायो गैस, और बायो सीएनजी में परिवर्तित किया जायेगा। इस योजना से किसाना तथा खासकर युवाओं को रोजगार प्रदान होगा।

गोबर धन योजना को शुरू करने की घोषणा वार्षिक बजट 2018-19 में की गई थी। इस योजना के मुख्यरूप से दो उद्देश्य हैं जिसमें गांवों को स्वच्छ बनाना और दूसरा पशुओं और अन्य प्रकार के जैविक अपशिष्ट से अतिरिक्त आय तथा ऊर्जा उत्पन्न करना। इस योजना के तहत पशुओं के गोबर और खेतों के ठोस अपशिष्ट पदार्थों को कम्पोस्ट, बायोगैस, बायो सीएनजी में परिवर्तित किया जायेगा।

इस योजना का मुख्य लक्ष्य उद्यमियों को जैविक खाद, बायो गैस, बायो सीएनजी उत्पादन के लिए गाँवों के क्लस्टर्स बनाकर इनमें पशुओं का गोबर एवं ठोर अपशिष्टों के एकत्रीकरण और संग्रहण को बढ़ावा देता है।

गोबर धन योजना के अन्तर्गत प्रत्येक जिले में एक क्लस्टर का निर्माण करते हुए लगभग 700 क्लस्टर्स स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया। इस योजना की सुचारू रूप से व्यवस्था के लिए ऑनलाइन ट्रेडिंग प्लेटफार्म भी बनाया जायेगा। जो किसानों को खरीदारों को जोड़ने का काम करेगा ताकि किसानों को गोबर और एग्रीकल्चर वेस्ट का सही दाम मिल सके। वर्ष 2018-19 में इस योजना के लिए 115 जिलों का चयन किया गया है। इन जिलो में स्थित गावों के इंफ्रास्टक्चर, शिक्षा, बिजली, सिंचाई आदि सुविधाओं का भी इंतजाम किया जायेगा।