स्टार्टअप्स हेतु गारंटी फंड के लिये डी.आई.पी.पी. के प्रयास

0
14

शुरुआती कारोबार में ऋण के प्रवाह को कम करने तथा नए उद्यमियों के लिये क्रेडिट गारंटी फंड सुनिश्चित करने के लिये औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (Department of Industrial Policy and Promotion – DIPP) द्वारा जल्द ही एक कैबिनेट नोट (cabinet note) प्रस्तुत किया जाएगा।

केंद्र सरकार ने नए उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिए फंड का इंतजाम करने का भी निर्णय लिया है। स्टार्टअप से लेकर तमाम नए उद्यमों के लिए सरकार क्रेडिट गारंटी फंड का गठन करने जा रही है। इसके लिए वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय जल्द ही कैबिनेट के समक्ष एक प्रस्ताव ला सकता है। अब तक डीआइपीपी 2865 स्टार्टअप्स को मान्यता दे चुका है और इनमें से 60 को टैक्स हॉलीडे हासिल है। इसके तहत सरकार से मान्यता हासिल हो जाने के बाद स्टार्टअप्स सात साल की अवधि में तीन साल लगातार आयकर की छूट हासिल कर सकता है।

पृष्ठभूमि:

स्टार्ट-अप इंडिया एक्शन प्लान के अंतर्गत आयकर छूट, विनियमों में कमी के ज़रिये अनुपालन को आसान बनाने तथा एक ‘स्टार्ट-अप’ के बारे में निश्चित योग्यता का निर्धारण करने जैसे, संरचनात्मक और विनियामक सुधारों के एक व्यापक सेट को सूचीबद्ध किया गया है।  इस कार्य योजना के अंतर्गत स्टार्ट-अप और सलाहकार सेवाओं के द्वारा पेटेंट दाखिल करने की फीस पर 80% की छूट प्रदान की गई है। इसके तहत 10 हज़ार करोड़ रुपए का कोष भी बनाया गया है, जिसका प्रबंधन निजी क्षेत्र के पेशेवरों द्वारा किया जाता है। 

क्रेडिट गारंटी फंड (Credit guarantee fund):

  • जनवरी 2016 में ‘स्टार्टअप इंडिया एक्शन प्लान’ (Startup India action plan) के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इस फंड के निर्माण की घोषणा की गई थी।
  • डी.आई.पी.पी. द्वारा प्रबंधित इस निधि में 2,000 करोड़ रुपए की राशि संग्रहित की जाएगी।
  • इसके माध्यम से स्टार्टअप के लिये अधिक से अधिक वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
  • इसके अतिरिक्त सरकार द्वारा स्टार्टअप हेतु दिये जाने वाले ऋणों की गारंटी के तौर पर भी इस फंड का इस्तेमाल किया जाएगा।
  • औपचारिक बैंकिंग प्रणाली के माध्यम से एक क्रेडिट गारंटी तंत्र (credit guarantee mechanism) द्वारा स्टार्टअप के ऋण कोष में वृद्धि करने हेतु आवश्यक सहायता भी प्रदान की जाएगी।