सौरमंडल के बाहर अत्यधिक गर्म ग्रह खोजा गया

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हाल ही में फ़्राँस और ब्रिटेन के खगोलविदों ने सौरमंडल से 26 करोड़ प्रकाश वर्ष दूर एक अत्यधिक गर्म ग्रह को खोजने में सफलता हासिल की है। धातु की तरह दिखने वाले इस के2-229 बी ग्रह का आकार पृथ्वी की तुलना में 20 फीसदी अधिक है।

  • इस नए ग्रह का द्रव्यमान पृथ्वी की तुलना में ढाई गुना अधिक है। यह ग्रह ‘के’ नामक एक छोटे तारे की परिक्रमा करता है।
  • इसे एक परिक्रमा करने में तकरीबन 14 घंटे का समय  लगता है। तारे के समीप होने के कारण दिन के समय इसका तापमान दो हज़ार डिग्री सेल्सियस से भी ऊपर चला जाता है।
  • के2 -229 बी के साथ-साथ दो अन्य तारे भी देखे गए जो ‘के’ नामक तारे की परिक्रमा करते हुए पाए गए।
  • इन तीनों ग्रहों और तारों के बीच की दुरी हमारे सौरमंडल के बुध ग्रह और सूर्य के बीच की दुरी से भी कम है। इस संबंध में खगोलविदों द्वारा बहुत से अनुमान व्यक्त किये जा रहे हैं।
  • एक अनुमान के अनुसार, जिस प्रकार पृथ्वी और मंगल ग्रह की टक्कर से चंद्रमा की उत्पत्ति हुई होगी, इसी तरह से इस ग्रह की भी उत्पत्ति हुई होगी।
  • फ़्राँस की एक्स-मार्सेली यूनिवर्सिटी और ब्रिटेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ वारविक के खगोलविदों द्वारा के 2 टेलिस्कोप की सहायता से इस नए ग्रह की खोज की गई है।
  • इस ग्रह की बहुत सी विशेषताएँ बुध ग्रह के समान हैं। यही कारण है कि यह ग्रह खगोलविदों के लिये आश्चर्य और शोध का विषय बन गया है।