सौभाग्य योजना के अंतर्गत 8 राज्यों ने 100 प्रतिशत घरों में विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल किया

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केन्द्रीय विद्युत तथा नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) आर के सिंह ने 29 नवंबर 2018 को घोषणा किये की सौभाग्य योजना के अंतर्गत 8 राज्यों ने 100 प्रतिशत घरों में विद्युतीकरण का लक्ष्य हासिल किया हैं। इसके साथ, देश में अब कुल 15 राज्यों में 100 प्रतिशत घरों का विद्युतीकरण हो गया है।

ये आठ राज्य मध्‍यप्रदेश,त्रिपुरा, बिहार, जम्‍मू और कश्‍मीर, मिजोरम, सिक्किम, तेलंगाना तथा पश्चिम बंगाल हैं। सौभाग्‍य योजना के अंतर्गत अब तक 2.1 करोड़ कनेक्‍शन जारी किये गये हैं।

सौभाग्‍य योजना:

केंद्र सरकार ने सितंबर 2017 में ‘प्रधानमंत्री सहज बिजली हर घर योजना’ (सौभाग्य) लांच किया था। इसका उद्देश्य 31 मार्च 2019 तक देश में सम्पूर्ण रूप से घरों के विद्युतीकरण लक्ष्य को हासिल करना था। इस योजना के लांच होने के बाद से राज्य के विद्युत विभागों तथा विद्युत वितरण कम्पनियों के सहयोग से 1.65 करोड़ घरों का विद्युतीकरण हुआ है।

यह योजना केंद्र सरकार की प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) का एक हिस्सा है। सौभाग्‍य एक ऐसी योजना है जिसमें 16,000 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च आएगा और इसमें से 25 प्रतिशत को इस परियोजना के लिए तैनात किए जाने वाले मानव संसाधन एवं उनके पारिश्रमिक पर खर्च किए जाने का अनुमान है। इसके साथ ही विभिन्‍न बिजली वितरण कंपनियों / राज्‍य के विद्युत विभागों के बीच स्‍वस्‍थ प्रतिस्‍पर्धा के लिए 300 करोड़ रूपये की पुरस्‍कार योजना प्रारंभ की गई है। पुरस्कार तीन श्रेणियों में दिए जाएंगे। यह श्रेणियां हैं:

  1. डिस्कॉम/विशेष दर्जा वाले राज्यों (7 पूर्वोत्तर राज्य सिक्किम, जम्मू और कश्मीर तथा उत्तराखंड) के विद्युत विभाग को दिए जाएंगे।
  2. डिस्कॉम/विशेष दर्जा के अलावा अन्य राज्यों (बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल) जिनमें विद्युतीकरण से वंचित पांच लाख से अधिक घर है।
  3. डिस्कॉम/विशेष दर्जा वाले राज्यों के अलावा अन्य राज्य जहां पांच लाख से कम घर विद्युतीकृत नहीं हैं।

31 दिसम्‍बर 2018 तक 100 प्रतिशत घरों के विद्युतीकरण का काम करने वाले राज्‍यों को सौभाग्‍य के अंतर्गत स्‍वीकृत परियोजना लागत का 15 प्रतिशत (विशेष श्रेणी के राज्‍यों के लिए 5%) अतिरिक्‍त अनुदान मिलेगा।