सेशेल्स ब्लू बॉण्ड जारी करने वाला विश्व का पहला देश बना

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सेशेल्स गणतंत्र ने विश्व के पहले सोवरेन ब्लू बांड (Sovereign Blue Bond) का अनावरण किया है। इस बांड के माध्यम से टिकाऊ सामुद्रिक एवं मत्स्य पालन परियोजनाओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जायेगी। इस बांड से अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों की ओर से 15 मिलियन डॉलर जमा हुए हैं। इस बांड से पता चलता है कि कोई भी देश सामुद्रिक संसाधनों के सतत उपयोग के लिए वित्त हेतु पूँजी बाजार से किस प्रकार धनराशि एकत्र कर सकता है।

  • इस बांड में सरकारी और निजी दोनों स्रोतों से निवेश प्राप्त होगा।
  • इस बांड के माध्यम से सेशेल्स को सतत मत्स्य पालन सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी।
  • सेशेल्स के ब्लू बांड को विश्व बैंक की ओर से 5 मिलियन डॉलर की गारंटी दी हुई है। इसके अतिरिक्त इसमें वैश्विक पर्यावरणिक सुविधा (GEF) की ओर से 5 मिलियन डॉलर का रियायती ऋण भी दिया गया है। इस ऋण से बांड के लिए ब्याज का भुगतान किया जाएगा।
  • बांड से प्राप्त आय का उपयोग इन कार्यों में किया जाएगा – संरक्षित सामुद्रिक क्षेत्रों का विस्तार, बेहतर मत्स्य पालन और सेशेल्स की नीली अर्थव्यवस्था का विकास।
  • नील अनुदान निधि अर्थात् ब्लू ग्रांट्स फण्ड के माध्यम से अनुदान भी दिया जाएगा। इस निधि का प्रबन्धन सेशेल्स के संरक्षण एवं जलवायु अनुकूलन न्यास द्वारा किया जाएगा।
  • बांड से होने वाली आय से नील निवेश निधि के माध्यम से ऋण दिए जायेंगे। इस निधि का प्रबंधन सेशेल्स विकास बैंक करेगा।

सेशेल्स:

सेशेल्स हिन्द महासागर में पूर्वी अफ्रीका के पास स्थित एक द्वीप समूह वाला देश है जिसमें 115 ग्रेनाइट और प्रवाल द्वीप हैं। यह देश दुनिया के बड़े जैव विविधता वाले क्षेत्रों में से एक हैं।

यहाँ पर्यटन के बाद सबसे अधिक महत्त्वपूर्ण उद्योग मत्स्यपालन है जिसमें जनसंख्या के 17% को रोजगार मिलता है। यहाँ से होने वाले निर्यात की 95% आय मछली और उसके उत्पादों से होती है।