सऊदी अरब अंतर्राष्ट्रीय सौर संगठन (आईएसए) का 73वां सदस्य बना

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सऊदी अरब आईएसए का सदस्य बनने वाला दुनिया का 73वां देश बन गया है। सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान और भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की द्विपक्षीय बैठक के बाद सऊदी अरब आईएसए में सम्मिलित हुआ। सऊदी अरब इस गठबंधन में शामिल होने वाला 7वां ओपेक (तेल निर्यातक देशों का संगठन) देश है।

अंतर्राष्ट्रीय सौर संगठन:

  • आईएसए (अंतर्राष्ट्रीय सौर संगठन) विश्व का पहला ऐसा संगठन है जिसका सचिवालय भारत में है। यह सौर ऊर्जा पर आधारित 121 देशों का एक सहयोग संगठन है।
  • इस संगठन की स्थापना की पहली सर्वप्रथम भारत ने की। भारत के प्रयासों के चलते इस संगठन की स्थापना 30 नवंबर 2015 को पेरिस में संयुक्त राष्ट्र जलवायु सम्मेलन के दौरान कोप-21 से अलग भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और फ्रांस के तत्कालीन राष्ट्रपति ने की थी।
  • आईएसए का लक्ष्य 2030 तक 1 ट्रिलियन वाट (1000 गीगावाट) सौर ऊर्जा उत्पादन का है। जिस पर अनुमानतः 1 ट्रिलियन डॉलर का खर्च आ सकता है।

प्रमुख उद्देश्य:

इस संगठन का मुख्य उद्देश्य दुनियाभर में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देना तथा ऊर्जा के क्षेत्र में आने वाली बाधाओं को कम या दूर करना है। यह सौर ऊर्जा के विकास और उपयोग में तेजी लाने की एक नई शुरूआत है ताकि वर्तमान और भावी पीढ़ी को ऊर्जा सुरक्षा प्रदान की जा सके।

ध्यान देने योग्य है कि 18 फरवरी 2019 को अर्जेंटिना भी अंतर्राष्ट्रीय सौर संगठन (आईएसए) का 72वां सदस्य बना है।