संविधान विशेषज्ञ पीपी राव का निधन

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सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता और संविधान के जानकार पीपी राव का 13 सितम्बर 2017 को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वे 84 वर्ष के थे। इसी साल जुलाई में उन्होंने बतौर अधिवक्ता 50 साल पूरे किए थे।

पीपी राव ने वर्ष 1992 में बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद भाजपा शासित चार राज्यों (उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश) में राष्ट्रपति शासन लगाने के फैसले का अदालत में बचाव किया था।

पीपी राव:

  •  पीपी राव का जन्म 01 जुलाई 1933 को आंध्र प्रदेश में हुआ था।
  •  उन्होंने हैदराबाद के उस्मानिया विश्वविद्यालय से एलएलबी और एलएलएम की डिग्री ली थी।
  •  उन्होंने वर्ष 1961 में दिल्ली विश्वविद्यालय में कानून के शिक्षक के रूप में अपना करियर शुरू किया था।
  •  पीपी राव ने वर्ष 1967 में दिल्ली बार एसोसिएशन में अपना पंजीकरण कराया था और सुप्रीम कोर्ट में अधिवक्ता के रूप में काम करने लगे थे।
  •  वे केशवानंद भारती, एसआर बोमई, उन्नीकृष्णन बनाम आंध्र प्रदेश, टीएमए पाई, पीए इनामदार जैसे सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक मामलों से भी जुड़े रहे।
  •  पीपी राव को वर्ष 1991 में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन का अध्यक्ष चुना गया था।
  •  उन्हें वर्ष 2006 में पद्म भूषण सम्मान से नवाजा गया।
  •  उन्हें वर्ष 2014 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने लोकपाल चयन समिति में न्यायिक सदस्य के रूप में नियुक्त किया था।