संविधान दिवस पर ‘डिजिटल हस्ताक्षर अभियान’ लॉन्च

0
143

मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने संविधान दिवस(26 नवंबर) पर भारतीय संविधान में आस्था की पुष्टि करने और संविधान में निहित मूलभूत कर्तव्यों पर जागरूकता पैदा करने के लिए एक डिजिटल हस्ताक्षर अभियान शुरू किया है।

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने 26 नवम्बर संविधान दिवस के अवसर पर डिजिटल हस्ताक्षर अभियान में स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्रों को शामिल होने का आह्वान किया है। मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर छात्रों की शपथ के लिए एक पेज भी बनाया है इसमें मूल कर्तव्य और मूल अधिकार दोनों का उल्लेख है। 

डिजिटल हस्ताक्षर:

डिजिटल हस्ताक्षर किसी डिजिटल संदेश या दस्तावेज़ की प्रामाणिकता को निरूपित करने के लिए एक गणितीय योजना है। एक मान्य डिजिटल हस्ताक्षर, प्राप्तकर्ता को यह विश्वास दिलाता है कि संदेश किसी ज्ञात प्रेषक द्वारा तैयार किया गया था और उसे पारगमन में बदला नहीं गया था। डिजिटल हस्ताक्षर सामान्यतः सॉफ्टवेयर वितरण, वित्तीय लेन-देन और ऐसे अन्य मामलों में प्रयुक्त होते हैं, जहां जालसाजी और छेड़-छाड़ का पता लगाना अधिक महत्वपूर्ण है।

संविधान दिवस:

भारत सरकार द्वारा पहली बार 26 नवम्बर 2015 को संविधान सभा के निर्मात्री समिति के अध्यक्ष डॉ॰ भीमराव आंबेडकर के 125वें जयंती वर्ष के रूप में संविधान दिवस मनाया गया। 26 नवंबर का दिन संविधान के महत्व का प्रसार करने और डॉ॰ भीमराव आंबेडकर के विचारों और अवधारणाओं का प्रसार करने के लिए चुना गया था।

भारत गणराज्य का संविधान 26 नवम्बर 1949 को बनकर तैयार हुआ था। डॉ॰ भीमराव आंबेडकर जी ने भारत के महान संविधान को 2 वर्ष 11 माह 18 दिन में 26 नवम्बर 1949 को पूरा कर राष्ट्र को समर्पित किया। गणतंत्र भारत में 26 जनवरी 1950 से संविधान अमल में लाया गया।