संयुक्त राष्ट्र के ई-गवर्नेंस इंडेक्स में भारत 96वें स्थान पर

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संयुक्त राष्ट्र के ई-गवर्नेंस इंडेक्स में भारत शीर्ष 100 देशों में शामिल हो गया है। भारत को इस इंडेक्स में 96वां स्थान मिला है। यह सर्वे हर दो साल में जारी किया जाता है। वर्ष 2014 में इस इंडेक्स में 118 अंक पर तथा 2016 में 107वे स्थान पर था।

भारत ने ई-पार्टिसिपेशन सब-इंडेक्स में 100 फीसदी स्कोर किया है। वहीं दूसरे चरण में इसने 95.65 फीसदी और तीसरे चरण में 90.91 फीसदी स्कोर किया है। 0.9551 के ओवरऑल स्कोर ने 193 काउंटी के सूची सर्वेक्षण में भारत को शीर्ष 15 देशों में रखा है। इस श्रेणी में भारत सब-रीजन के लीडर के रुप में उभर कर आया है। माना जाता कि डेनमार्क ई-गवर्नेंस इंडेक्स और ई-पार्टिसिपेशन सब-इंडेक्स दोनों के ही मोर्चे पर वर्ल्ड लीडर है। गौरतलब है कि अक्टूबर 2017 में ही ‘ईज ऑफ डूइंग’ इंडेक्स के टॉप 100 देशों में शामिल हो गया था।

शीर्ष 10 देश:

  1. डेनमार्क
  2. ऑस्ट्रेलिया
  3. कोरिया गणराज्य
  4. यूनाइटेड किंगडम
  5. स्वीडन
  6. फ़िनलैण्ड
  7. सिंगापुर
  8. न्यूजीलैंड
  9. फ्रांस
  10. जापान

संयुक्त राष्ट्र ई-गवर्नेंस इंडेक्स:

यह मुख्य रूप से राष्ट्रीय स्तर पर ई-सरकारी विकास का आकलन करता है। यह सार्वजनिक सेवाओं को वितरित करने के लिये देशों के सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के उपयोग को मापता है। सूचकांक ऑनलाइन सेवाओं के दायरे और गुणवत्ता, दूरसंचार बुनियादी ढांचे की स्थिति और मौजूदा मानव क्षमता को कैप्चर करता है।

ई-गवर्नेंस इंडेक्स तीन सामान्यीकृत सूचकांक के भारित औसत के आधार पर एक समग्र सूचकांक है:

  1. दूरसंचार इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स – अंतर्राष्ट्रीय दूरसंचार संघ द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों पर आधारित है।
  2. मानव पूंजी सूचकांक –  यह UNESCO द्वारा प्रदान किए गए आंकड़ों पर आधारित है।
  3. ऑनलाइन सेवा सूचकांक – यह UNDESA द्वारा आयोजित एक स्वतंत्र सर्वेक्षण प्रश्नावली से एकत्रित आंकड़ों पर आधारित है, जो सभी 193 संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों की राष्ट्रीय ऑनलाइन उपस्थिति का आकलन करता है।