विश्व सतत् विकास सम्मेलन 2018 दिल्ली में आयोजित किया गया

0
29

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 16 फरवरी को राजधानी दिल्ली के विज्ञान भवन में विश्‍व सतत् विकास सम्‍मेलन का (डब्ल्यूएसडीएस 2018) के 2018 वें संस्करण का उद्घाटन किया गया। इस वर्ष इस शिखर सम्मेलन का विषय ‘पार्टनरशिप फॉर ए रेज़िलिएंट प्लैनेट’ है।

  • डब्लूएसडीएस, 2018 जलवायु परिवर्तन की पृष्ठभूमि में विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के समक्ष मौजूद कुछ सबसे महत्त्वपूर्ण चुनौतियों का समाधान करने के लिये एक ‘एक्शन फ्रेमवर्क’ बनाने का प्रयास करता है।
  • शिखर सम्मेलन में भूक्षरण रोकने, शहरों को कचरे के ढेर से मुक्‍त बनाने के लिये प्रभावी कचरा निबटान प्रबंधन प्रणाली विकसित करने, प्रभावी ढंग से वायु प्रदूषण का मुकाबला करने, संसाधन और ऊर्जा दक्षता बढ़ाने के उपाय करने, स्वच्छ ऊर्जा की ओर बढने का रास्‍ता बनाने तथा जलवायु परिवर्तन शमन के लिये वित्तीय तंत्र बनाने जैसे बहुत से महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाता है। इन विषयों के अतिरिक्‍त कार्बन मार्केट और मूल्य निर्धारण, सतत् परिवहन, लचीले शहरों, सौर ऊर्जा और प्रशीतन प्रौद्योगिकियों सहित सतत् विकास से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की जाती है।
  • डब्ल्यूएसडीएस 2018 में आयोजित की जा रही ग्रीनोवेशन प्रदर्शनी’ में सतत विकास लक्ष्‍यों को पूरा करने की दिशा में हुई नवीनतम तकनीकी प्रगति की झलक दिखेगी। दुनिया भर के नीति निर्माताओं, शोधकर्ताओं, विचारकों, राजनयिकों और कंपनियों सहित, 2000 से अधिक प्रतिनिधियों के इस सम्मेलन में हि‍स्‍सा लेने की उम्मीद है।
  • डब्लूएसडीएस ऊर्जा और संसाधन संस्थान का प्रमुख मंच है। यह स्थायी विकास, ऊर्जा और पर्यावरण क्षेत्रों में वैश्विक नेताओं और विचारकों को साझा मंच पर एक साथ लाने का प्रयास करता है।

ऊर्जा और संसाधन संस्थान:

  • ऊर्जा और संसाधन संस्थान (टेरी) एक गैर लाभकारी संस्था है जो ऊर्जा, पर्यावरण और टिकाऊ विकास के क्षेत्र में अनुसंधान कार्य करती है। इसका उद्देश्य महत्त्वपूर्ण मुद्दों पर वैश्विक समाधान को आकार देने के लिए स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर की रणनीति तैयार करने पर ध्यान केंद्रित करना है।
  • 1974 में इसे टाटा एनर्जी रिसर्च इंस्टीट्यूट के रूप में स्थापित किया गया था, लेकिन 2003 में इस इंस्टीट्यूट का नाम बदलकर ऊर्जा और संसाधन संस्थान रख दिया गया था।
  • डब्लूएसडीएस ने टेरी के प्रथम मंच दिल्ली सतत विकास शिखर सम्मेलन (DSDS) को प्रतिस्थापित कर दिया है। सबसे पहले 2005 में DSDS का आयोजन किया गया था।
  • इसमें व्यवसायों और निजी क्षेत्र की आवश्यकता को रेखांकित किया गया ताकि गरीबी को दूर किया जा सके और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को तेजी से अपनाया जा सके।