विश्व मरुस्थलीकरण व सूखा रोकथाम दिवस : 17 जून

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प्रतिवर्ष 17 जून को विश्व मरुस्थलीकरण व सूखा रोकथाम दिवस मनाया जाता है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों में मरुस्थलीकरण तथा सूखे के बारे में जागरूकता फैलाना है। वर्ष 2019 के लिए इस दिवस की थीम ‘लेट्स ग्रो द फ्यूचर टूगेदर’ है। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार मरुस्थलीकरण से अभिप्राय शुष्क तथा अर्ध-शुष्क क्षेत्र में भूमि के निम्नीकरण से है।

इस अंतर्राष्ट्रीय दिवस के अवसर पर तीन मुख्य बातों के द्वारा मरुस्थलीकरण को रोकने के प्रयासों को प्रसारित किया जाता है।

इनमें से पहला है भूमि के अपरदन को रोकना। इसके अंतर्गत जनमानस को जल सुरक्षा, खाद्यान्न सुरक्षा के साथ ही पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति जागरूक किया जाता है।

दूसरा महत्वपूर्ण कदम सूखे के प्रभाव को प्रत्येक स्तर पर कम करने के लिए कार्य है जिसके तहत राहत कार्य के साथ-साथ भावी रणनीति बनाकर उस पर कार्य करना है।

अंतिम महत्वपूर्ण विषय नीति निर्धारकों पर मरुस्थलीकरण सम्बंधी नीतियों के निर्माण के साथ ही इससे निपटने के लिए कार्ययोजना बनाने का दबाव बनाना है।

ध्यान देने योग्य है कि विश्व मरुस्थलीकरण तथा सूखा रोकथाम दिवस की घोषणा 30 जनवरी, 1995 को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गयी थी। 

मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए भारत के प्रयास:

भारत सरकार द्वारा मरुस्थलीकरण को रोकने के लिए कई योजनाये चलायी जा रही हैं – पर ड्रॉप मोर क्रॉप, साइल हेल्थ कार्ड स्कीम तथा किसानों के लिए नीम कोटित यूरिया, इससे कृषि योग्य भूमि में विस्तार होगा।