विश्व बौद्धिक संपदा दिवस : 26 अप्रैल

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विश्व बौद्धिक संपदा दिवस पूरे विश्व में 26 अप्रैल को मनाया जाता है। वर्ष 2019 के लिए इस दिवस की थीम थीः ‘स्वर्ण के लिए पहुंचः आईपी एवं खेल’ (Reach for Gold: IP and Sports)। यह थीम वैश्विक खेल की अंतर-दृष्टि प्रदान करती है। 

उद्देश्यः 

यह दिवस पूरे विश्व में इसलिए आयोजित किया जाता है ताकि पेटेंट, कॉपीराइट, ट्रेडमार्क, औद्योगिक डिजाइन द्वारा इनोवेशन एवं रचनात्मकता में निभायी जा रही भूमिका के प्रति जागरूकता पैदा की जा सके।

बौद्धिक संपदाः 

बौद्धिक संपदा से आशय है दिमाग की उपज, आविष्कार, साहित्यिक एवं कलात्मक कार्य तथा वाणिज्यिक गतिविधियों में प्रतीक, नाम एवं चित्र का उपयोग।

बौद्धिक संपदा संपत्ति की ऐसी श्रेणी कहलाती है जिसमें मानव बुद्धि से निर्मित ऐसी रचनाएं शामिल होती हैं, जिन्हें छूकर महसूस नहीं किया जा सकता। इनमें मुख्य रूप से कॉपीराइट, पेटेंट और ट्रेडमार्क शामिल हैं। इनके अलावा ट्रेड सीक्रेट्स, प्रचार अधिकार, नैतिक अधिकार और अनुचित प्रतिस्पर्द्धा के खिलाफ अधिकार भी इसमें शामिल हैं।

विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO):

WIPO का पूरा नाम World Intellectual Property Organization है। यह संयुक्त राष्ट्र की सबसे पुरानी एजेंसियों में से एक है। इसका गठन 1967 में रचनात्मक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और विश्व में बौद्धिक संपदा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिये किया गया था। इसके तहत वर्तमान में 26 अंतर्राष्ट्रीय संधियाँ आती हैं। इसका मुख्यालय जिनेवा, स्विट्ज़रलैंड में है।

अभी 191 देश इसके सदस्य हैं, जिनमें संयुक्त राष्ट्र के 188 सदस्य देशों के अलावा कुक द्वीपसमूह, होली सी और न्यूए (Niue) शामिल हैं। संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश इसके सदस्य बन सकते हैं, लेकिन यह बाध्यकारी नहीं है। भारत 1975 में WIPO का सदस्य बना था।