विश्व आर्थिक मंच ने ‘द फ्यूचर ऑफ जॉब्स 2018’ रिपोर्ट जारी की

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विश्व आर्थिक मंच द्वारा 17 सितंबर, 2018 को जारी ‘फ़्यूचर ऑफ जॉब्स रिपोर्ट’ जारी की गई। इस रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 तक 12 प्रमुख उद्योग क्षेत्रक में कार्यस्थल कार्य घंटों में मशीन मानव का स्थान ले लेगा। स्वचालित रोबोटों के इस्तेमाल से काम का स्वरुप तथा मानव श्रम का तरीका भी बदल जाएगा। विश्व आर्थिक मंच (WEF) ने कामों के मशीनीकरण की रफ़्तार तथा उसमें आने वाले बदलाव का विश्लेषण करते हुए यह अनुमान लगाया है।

‘द फ्यूचर ऑफ जॉब्स 2018’ रिपोर्ट में उद्योग क्षेत्रों की विस्तृत श्रृंखला से 300 से अधिक वैश्विक कंपनियों को शामिल किया गया है। इस सर्वे में 1.5 करोड़ से अधिक कर्मचारी और 20 विकसित तथा उभरती अर्थव्यवस्थाएँ शामिल थीं जो वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 70 प्रतिशत धारण करती हैं।

रिपोर्ट के अनुसार जहां वर्ष 2018 में 12 महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्र, जिसमें विनिर्माण से लेकर सेवा तक शामिल हैं, में कुल कार्य घंटे का औसतन 71 प्रतिशत मानव द्वारा संपन्न किए जाते हैं। लेकिन वर्ष 2025 तक 48 प्रतिशत कार्य घंटे मानव द्वारा जबकि 52 प्रतिशत कार्य घंटे मशीन द्वारा संपन्न किए जाएंगे।

नौकरियों में व्यापक स्तर पर छटनी किये जाने के बावजूद कंप्यूटर प्रोग्राम वाली मशीनें, रोबोट मानव रोज़गार पर सकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं। चूँकि इसी रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि रोबोट क्रांति यानी ऑटोमेशन की इस प्रक्रिया के दौरान अगले पाँच सालों में 5 करोड़ 80 लाख नई नौकरियों का सृजन होगा।