विजय माल्या ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ घोषित होने वाले प्रथम व्यक्ति

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मुंबई की अदालत ने भारत छोड़कर विदेश चले गए विजय माल्या को ‘भगोड़ा आर्थिक अपराधी’ (fugitive economic offender) घोषित कर दिया है।
भगोड़ा आर्थिक अपराधी एक्ट (FEOA) के क्रियान्वयन के पश्चात भगोड़ा आर्थिक अपराधी घोषित होने वाले विजय माल्या प्रथम व्यक्ति हैं।

यह एक्ट 31 जुलाई, 2018 को अस्तित्व में आया था। यह एक्ट ऐसे व्यक्ति को भगोड़ा अपराधी घोषित करने का प्रावधान करता है जिसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया हो तथा उसके द्वारा किए गए अपराध 100 करोड़ रुपए से अधिक मूल्य का हो। साथ ही किसी को तभी भगोड़ा अर्थिक अपराधी घोषित किया जाता है जब व्यक्ति मुकदमा का सामना करने के लिए भारत आने से मना कर देता है।

इस एक्ट के तहत भगोड़ा की संपत्ति को जब्त करने का आदेश दिया जा सकता है जिनमें बेनामी संपत्ति भी शामिल है। जब्त संपत्ति पर केंद्र सरकार का अधिकार हो जाता है और 90 दिनों की समाप्ति के पश्चात उसका निपटना कर दिया जाता है।