वर्ष 2018 में छह स्मारकों को राष्ट्रीय महत्व का दर्जा मिला

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भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने वर्ष 2018 में छह स्मारकों को संरक्षित व राष्ट्रीय महत्व का दर्जा प्रदान किया गया। 24 दिसंबर, 2018 को केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय द्वारा लोकसभा में इसकी सूचना दी गई।

घोषित स्मारक:

  • राजस्थान के अलवर ज़िले में प्राचीन नीमराना की बावड़ी।
  • ओडिशा के बोलनगीर ज़िले के रानीपुर झारियाल में मंदिरों का समूह।
  • उत्तराखंड के पिथौरागढ़ ज़िले में विष्णु मंदिर।
  • नागपुर, महाराष्ट्र में उच्च न्यायालय भवन।
  • आगरा में दो मुगलकालीन स्मारक – आगा खान और हाथी खान की हवेली।

संस्कृति मंत्रालय के अनुसार वर्ष 2016 व 2017 में एक भी स्मारक को राष्ट्रीय महत्व के स्मारक का दर्जा नहीं दिया गया था। इससे पूर्व अंतिम बार वर्ष 2015 में केरल के वायनाद के नादावायल स्थित विष्णु मंदिर को राष्ट्रीय महत्व के स्मारक का दर्जा दिया गया था।

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अधीन अभी देश में संरक्षित स्मारकों/स्थलों की संख्या 3693 है। सर्वाधिक 745 संरक्षित स्थल उत्तर प्रदेश में है। इसके पश्चात 506 कर्नाटक में तथा 413 तमिलनाडु में है।