“वर्किंग ऑन ए वार्मर प्लेनेट” नामक रिपोर्ट जारी की

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अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन ने हाल ही में “वर्किंग ऑन ए वार्मर प्लेनेट” नामक रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में मुताबिक शीघ्र ही कार्य करने के घंटों में कमी आ सकती है

अत्याधिक गर्मी के कारण कार्य करना कठिन होगा तथा उत्पादकता में कमी आएगी। संयुक्त राष्ट्र के अनुसार इस समस्या से भारत सर्वाधिक प्रभावित होगा। 2030 तक ग्लोबल वार्मिंग के कारण भारत को वर्किंग ऑवर के 5.8% का नुकसान होगा। इससे भारत का कृषि तथा निर्माण क्षेत्र विशेष रूप से प्रभावित होगा। इस सदी के अंत तक वैश्विक तापमान में 1.5 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होने के आसार हैं।