लद्दाख में लोसर पर्व का आयोजन किेया गया

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जम्मू और कश्मीर के लद्दाख क्षेत्र में लोहर का त्यौहार पारंपरिक और धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है। 15 दिनों तक चलने वाला यह लोसर उत्सव नव वर्ष की शुरुआत का प्रतीक है।

लोसर तिब्बती भाषा का शब्द है जिसका अर्थ है – ‘नया वर्ष’ (‘लो’ = नया, ‘सर’ = वर्ष; युग)। लोसर, तिब्बत, नेपाल और भुटान का सबसे महत्वपूर्ण बौद्ध पर्व (त्यौहार) है। भारत के आसम और सिक्किम राज्यों में ये त्यौहार मनाया जाता है।

लोसर समुदाय आधारित सामाजिक– धार्मिक त्यौहार है जो लद्दाख में रहने वाले बौद्धों द्वारा हर साल 19 मठों में 18 मठवासी त्यौहारों के रूप में मनाया जाता है।

लोसर समारोह फासपुन परिवार के एक समूह के देवी एवं देवताओं की पूजा के साथ शुरू होता है। समारोह के दौरान लोग शुभकामनाएं एवं बधाई का आदान– प्रदान करते हैं।