रूस ने ‘सरमत मिसाइल’ का परीक्षण किया

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सरमत मिसाइल (RS-28 Sarmat) अंतर-महाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल है। सरमत रूस की पूर्व मिसाइल वोयेवोडा का स्थान लेगी जो सोवियत युग की मिसाइल है। वोयेवोडा विश्व की सबसे भारी ISBM मिसाइल है। इसका वजन 200 मीट्रिक टन और मारक क्षमता 12,000 किमी है। यह 100 टन वजनी सामान ले जाने में सक्षम है और 10 परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसे नाटो देशों ने शैतान -2 नाम दिया है।

सरमत एक अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBS) है। इस मिसाइल को आर्कटिक क्षेत्र के नजदीक प्लेसेत्स्क कॉस्मोड्रोम (प्रक्षेपण केंद्र) से दागा गया था, मिसाइल का पूरा नाम आरएस – 28 ‘सरमत’ है, जिसकी मार्क क्षमता को देखते हुए नॉर्थ अटलांटिक ट्रीटी ऑर्गेनाइजेशन (नाटो) ने इसे शैतान-2 नाम भी दिया है।

‘सरमत’ का वजन 200 मीट्रिक टन है और यह ‘RS-36M2 वोयेवोडा’ से ज्यादा लंबी दूरी तक मार कर सकती है।

यह मिसाइल दुनिया के किसी भी कोने पर अत्याधुनिक मिसाइल रक्षा प्रणाली को भी चकमा देकर हमला करने में सक्षम है।

‘सरमत’ विश्व के किसी भी कोने में उत्तरी या दक्षिणी ध्रुवों पर उड़ान भर सकती है और विश्व में किसी भी जगह पर अपने लक्ष्य को भेद सकती है।

रूस से अमेरिका के बीच की दूरी 8000 किलोमीटर है, जबकि इस मिसाइल की मारक क्षमता 12,000 किलोमीटर से भी अधिक आंकी गयी है।

यह मिसाइल अपने साथ 10 परमाणु हथियार अर्थात लगभग 100 टन वजनी परमाणु सामग्री ले जा सकती है।