रूस ने विश्व का पहला पानी पर तैरता परमाणु संयत्र लॉन्च किया

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रूस ने मुर्मान्स्क शहर के बंदरगाह पर दुनिया का पहला पानी पर तैरता परमाणु संयत्र का अनावरण किया जहां पूर्वी साइबेरिया जाने से पहले इसे परमाणु ईंधन से भरा जाएगा। इसका नाम ‘एकेडेमिक लोमोनोसोव’ (akademik lomonosov) है। इसे न्यूक्लियर पावर फर्म रोसेटोम ने सेंट पीटर्सबर्ग में तैयार किया है।

अगले साल तक इसे उत्तर-पूर्व में स्थित पेवेक बंदरगाह ले जाया जाएगा। एकेडेमिक लोमोनोसोव का उद्देश्य पूर्वी और उत्तरी साइबेरिया के दूरदराज के इलाकों में बिजली आपूर्ति करना और ऑयल रिफाइनिंग करना है। ।यह परमाणु सयंत्र 2 लाख की आबादी की बिजली की जरूरतों को पूरा कर सकता है। इसका निर्माण वर्ष 2007 में शुरू हुआ था, लेकिन वित्तीय कमी से यह परियोजना लंबे समय तक लंबित रही।

एकेडेमिक लोमोनोसोव की विशेषताएं:

  • इसका नाम रूस के अकदमीशियन मिखाइल लोमोनोसोव के नाम पर रखा गया है।
  • रूस के इस परमाणु ऊर्जा संयंत्र की लंबाई 144 मीटर, चौड़ाई 30 मीटर और वजन 21,000 टन है। 
  • इसमें 35 मेगावाट के दो न्यूक्लियर रिएक्टर हैं, जो रिएक्टर बर्फ के पहाड़ों को काटने वाले आइसब्रेकर शिप के रिएक्टर की तरह हैं। 
  • संयंत्र अपनी क्षमता से दो लाख की आबादी वाले शहर के लिए बिजली पैदा कर सकता है।
  • इस तैरते हुए संयंत्र से दूरदराज के इलाकों में गैस और तेल उत्खनन प्लेटफार्मों को बिजली मिल सकेगी।
  • रूस का दावा है कि इससे प्रतिवर्ष होने वाले 50 हजार टन कार्बन डाइ ऑक्साइड का उत्सर्जन रोका जा सकता है।
  • इस रिएक्टर में काम करने के लिए 69 सदस्य हैं जो इसे चलाते हैं। इस परमाणु संयंत्र की आयु लगभग 40 वर्ष बताई गई है।
  • इसके अतिरिक्त यह प्रतिदिन 2.4 लाख क्यूबिक मीटर पेयजल भी उत्पन्न करेगा।