राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग की रजत जयंती मनाई गई

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राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग (NHRC) ने 12 अक्टूबर को अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती मनाई। इस आयोग की स्थापना दिनांक 12 अक्टूबर, 1993 को हुई थी। इस अबसर पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक डाक टिकट जारी किया।

राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग:

यह मानवाधिकारों के संरक्षण के क्षेत्र में भारत की सर्वोच्च संस्था है जो भारतीय संविधान एवं अंतर्राष्ट्रीय संधियों के आधार पर व्यक्ति के जीवन, स्वतंत्रता, समानता, गरिमा जैसे मानवाधिकारों के सरंक्षण एवं प्रसार का कार्य करती है।

आयोग में कुल आठ सदस्य होते हैं- एक अध्यक्ष, एक वर्तमान अथवा पूर्व सर्वोच्च न्यायालय का न्यायाधीश, एक वर्तमान अथवा भूतपूर्व उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश, मानवाधिकार के क्षेत्र में जानकारी रखने वाले कोई दो सदस्य तथा राष्ट्रीय महिला आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचितजाति आयोग, राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग एवं राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष। इसके अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों का कार्यकाल पांच वर्ष का होता है।

प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली छह सदस्यीय समिति की सिफारिशों पर राष्ट्रपति द्वारा अध्यक्ष और सदस्य नियुक्त किये जाते हैं। 

लोक संहिता प्रक्रिया, 1908 के अधीन आयोग को सिविल न्यायालय की समस्त शक्तियाँ प्राप्त हैं।

आयोग किसी पीड़ित अथवा उसकी ओर से किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दायर किसी याचिका पर स्वयं सुनवाई एवं कार्यवाही कर सकता है। इसके अलावा, आयोग न्यायालय की स्वीकृति से न्यायालय के समक्ष लंबित मानवाधिकारों के प्रति हिंसा संबंधी किसी मामले में हस्तक्षेप कर सकता है। 

यह आयोग मानवाधिकारों से संबंधित संधियों इत्यादि का अध्ययन करता है तथा उन्हें और अधिक प्रभावी बनाने हेतु आवश्यक सुझाव भी देता है।