राष्ट्रपति ने सांस्कृतिक सद्भाव को बढावा देने हेतु टैगोर पुरस्कार प्रदान किये

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18 फरवरी 2019 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने राजकुमार सिंघाजीत सिंह, छायानट (बांग्लादेश का सांस्कृतिक संगठन) और रामजी सुतार को क्रमशः 2014, 2015 और 2016 के लिए टैगोर सांस्कृतिक सद्भाव पुरस्कार प्रदान किये हैं।

  • पुरस्कार विजेताओं का चयन प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली जूरी ने किया जिसमें भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त श्री एन. गोपालस्वामी और भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के अध्यक्ष श्री विनय सहस्रबुद्धे भी शामिल थे।
  • मणिपुरी नृत्य के प्रतिपादक श्री राजकुमार सिंघजीत सिंह को वर्ष 2014 के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया।
  • बांग्लादेश के सांस्कृतिक संगठन छायानुत को गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर की कृतियों और बांग्ला कला के प्रचार में उसकी भूमिका के लिए 2015 का पुरस्कार दिया गया।
  • प्रसिद्ध मूर्तिकार और विद्वान श्री राम वनजी सुतार को वर्ष 2016 के लिए पुरस्कार प्रदान किया गया।

टैगोर पुरस्कारः

टैगोर पुरस्कार की शुरूआत वर्ष 2012 में की गई थी। इस पुरस्कार का गठन भारत सरकार ने गुरूदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की 150वीं जयंती के अवसर पर किया था। यह पुरस्कार बिना किसी राष्ट्रीयता, भाषा, जाति, लिंग के आधार पर भेदभाव के किसी भी क्षेत्र में महत्वपूर्ण एवं विशिष्ट योगदान तथा उस परंपरा का आगे बढ़ाने के लिए दिया जाता है।

इस पुरस्कार के तहत विजेता को एक करोड़ रूपये धनराशि, प्रशस्तिपत्र, पट्टिका तथा पारंपरिक दस्तकारी/हथकरघा से बना उत्कृष्ट उपहार प्रदान किया जाता है।

ध्‍यान देने योग्‍य है कि टैगोर सद्भावना पुरस्कार वर्ष 2012 में भारत के महान सितारवादक भारत रत्न पंडित रवि शंकर को प्रदान किया गया था। जबकि दूसरा टैगोर पुरस्कार वर्ष 2013 में जुबीन मेहता को प्रदान किया गया था।