राष्ट्रपति ने ‘दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा’ के शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया

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22 सितंबर, 2018 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा, मद्रास द्वारा नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित शताब्दी समारोह का उद्घाटन किया। दक्षिणी राज्यों में हिंदी का प्रचार करने के के लिए महात्मा गांधी ने 1918 में ‘दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा’ की स्थापना की थी। इसके प्रथम प्रचारक महात्मा गांधी के पुत्र देवदास गांधी थे।

दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा:

  • 1927 में दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा एक स्वतंत्र संगठन के रूप में उभरकर सामने आई और महात्मा गांधी अपने जीवन के अंतिम समय तक इसके अध्यक्ष रहे।
  • 1920 तक इस सभा का कार्यालय मद्रास के जॉर्ज टाउन में था उसके कुछ सालों बाद बाद यह मायलापोर में स्थानांतरित हो गया और बाद में यह त्रिपुलीन में स्थानांतरित हुआ जहाँ यह 1936 तक काम करता रहा।
  • इस सभा की प्रांतीय शाखाओं की स्थापना 1936 में की गई थी और उसी वर्ष सभा के सदन को मद्रास के तत्कालीन नए शहर त्यागराज नगर में स्थापित किया गया था। इस इमारत की नींव अब्दुल हमीद खान ने रखी थी और इमारत का उद्घाटन 7 अक्तूबर, 1936 को भारतीय राष्ट्रीय कॉन्ग्रेस के तत्कालीन अध्यक्ष पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया था।
  • वर्ष 1946 में इस सभा का रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया जिसकी अध्यक्षता महात्मा गांधी ने की थी।
  • रजत जयंती समारोह के दौरान गांधीजी की उपस्थिति को स्मरणीय बनाने हेतु उस स्थान पर गांधी मंडप का निर्माण किया गया जहाँ गांधीजी ने अपनी उपस्थिति दर्ज की थी। इस मंडप का उद्घाटन 9 जून, 1963 को मोरारजी देसाई ने किया था।
  • वर्ष 1993 में इस सभा की प्लैटिनम जुबिली का आयोजन अमृतोत्सव नाम से किया गया था।
  • सभा ने करीब 20 हजार हिंदी प्रचारकों का नेटवर्क विकसित किया है।