राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जम्मू कश्मीर विधानसभा भंग की

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21 नवंबर 2018 को जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने धारा 53 के तहत जम्मू कश्मीर विधानसभा को भंग कर दिया है। राज्यपाल ने यह कार्यवाही तब की जब विभिन्न पार्टियों की ओर से सरकार बनाने का दावा पेश किया जा रहा था।

राज्यपाल ने विधानसभा को भंग करने के आदेश के साथ ही कहा कि राज्य में शांति और स्थिरता बनाने रखने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। राज्य में सरकार बनाने हेतु उचित समय तथा शांति एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए चुनाव कराये जायेंगे और स्पष्ट बहुमत वाली सरकार बनायी जायेगी।

वर्ष 2015 में जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद भारतीय जनता पार्टी और पीडीपी ने आपस में गठबंधन कर एक सरकार बनाई थी जिसमें मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती थीं परन्तु 16 जून 2018 को भाजपा ने अपना समर्थन वापस ले लिया जिससे महबूबा मुफ्ती की नेतृत्व वाली पीडीपी और बीजेपी की सरकार गिर गई। उसके बाद से राज्य में राज्यपाल शासन लगा दिया गया था जो अभी भी बरकरार है।

19 दिसंबर को राज्य में राज्यपाल शासन के 6 माह पूरे हो जायेंगे जिसके बाद से वहां राष्ट्रपति शासन लगा दिया जायेगा क्योंकि भारतीय संविधान के अनुसार किसी भी राज्य में 6 माह से अधिक राज्यपाल शासन नहीं लगाया जा सकता। 6 महीने के बाद स्वतः राष्ट्रपति शासन लागू हो जायेगा।