यूनाइटेड किंगडम जलवायु आपातकाल लागू करने वाला विश्व का पहला देश

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यूनाइटेड किंगडम हाल ही में विश्व की पहली विधानपालिका बन गयी है, जिसने राष्ट्रीय पर्यावरण तथा जलवायु आपातकाल प्रस्ताव को पारित किया है। कुछ दिन पहले 16 वर्षीय स्वीडिश छात्रा ग्रेटा थनबर्ग ने ब्रिटिश कानूननिर्माताओं को पर्यावरण के लिए अधिक कार्य करने की मांग की थी। उनके अतिरिक्त पर्यावरण समूह “एक्सटिंक्शन रिबेलियन” द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था।

ग्रेटा थनबर्ग:

स्वीडन की 16 वर्षीय ग्रेटा थनबर्ग को 2019 नोबेल शांति पुरस्कार के लिए मनोनीत किया गया है। ग्रेटा पर्यावरण की सुरक्षा के लिए कार्य करती हैं। ग्रेटा स्कूल स्ट्राइक फॉर क्लाइमेट मूवमेंट की संस्थापक हैं।

उनका जन्म 3 जनवरी, 2003 को स्वीडन में हुआ था। उन्होंने स्वीडन की संसद के समक्ष पेरिस समझौते के मुताबिक कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए विरोध प्रदर्शन किया था। इसके लिए उन्होंने स्कूल न जा कर संसद के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने विश्व के अन्य देशों में छात्रों को प्रेरित किया। दिसम्बर, 2018 तक विश्व के 270 शहरों में 20,000 में स्कूलों में हड़ताल की। ग्रेटा को स्टॉकहोल्म में टेड टॉक में संबोधन देने के लिए भी आमंत्रित किया जा चुका है। यदि ग्रेटा नोबेल शांति पुरस्कार को जीत जाती हैं तो वे इस पुरस्कार की सबसे युवा विजेता बन जायेंगी।

इससे पहले मलाला यूसुफ़जई ने 2014 में 17 वर्ष की आयु में नोबेल शांति पुरस्कार जीता था।