मैथिली भाषा के संरक्षण हेतु पांडुलिपि केन्द्र की स्थापना को मंजूरी

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हाल ही में केन्द्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय घोषणा की गई कि मैथिली भाषा अथवा मिथिलाक्षर के संरक्षण संवर्धन और विकास के लिए बिहार के दरभंगा में पांडुलिपि केन्द्र की स्थापना की जायेगी।

मिथिलाक्षर का उपयोग आसान हो इसके लिए लिपि को भारतीय भाषाओं के लिए प्रौद्योगिकी विकास संस्थान के द्वारा जल्द से जल्द कंप्यूटर की भाषा (यूनिकोड) में परिवर्तित करने का काम पूरा किया जायेगा। इसके साथ ही मिथिलाक्षर लिपि को सीखने के लिए ऑडियो-विजुअल तकनीक भी विकसित की जायेगी।

मैथिली भाषा के संरक्षण हेतु और पांडुलिपि केन्द्र स्थापित करने हेतु चार सदस्यीय समिति का गठन किया गया था जिसमें ललित नारायण मिश्रा विश्वविद्यालय के मैथिली विभागाध्यक्ष प्रो. रमण झा, और सेवानिवृत्त प्रो. रत्नेश्वर मिश्र एवं कामेश्वर सह दरभंगा संस्कृत विश्वविद्यालय के व्याकरण विभागाध्यक्ष डॉ. पं. शशिनाथ झा और पटना स्थित महावीर मंदिर न्यास के प्रकाशन विभाग के पदाधिकारी पंडित भवनाथ झा को शामिल किया गया।