मुंबई में भारतीय सिनेमा के राष्ट्रीय संग्रहालय का निर्माण

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भारतीय सिनेमा के एक सदी से अधिक पुराने इतिहास की जानकारी उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुंबई में भारतीय सिनेमा के राष्ट्रीय संग्रहालय (NMIC) का निर्माण किया गया है। इस संग्रहालय का निर्माण 140.61 करोड़ रुपए की लागत से किया गया है।

यह संग्रहालय दो इमारतों- ‘नवीन संग्रहालय भवन’ और 19वीं शताब्दी के ऐतिहासिक महल ‘गुलशन महल’ में स्थित है। ये दोनों इमारतें मुंबई में फिल्म प्रभाग परिसर में हैं।

नवीन संग्रहालय:

इस भवन में चार प्रदर्शनी हॉल मौजूद हैं-

  1. गांधी और सिनेमा: यहाँ महात्मा गांधी के जीवन पर बनी फिल्में मौजूद हैं। इसके साथ सिनेमा पर उनके जीवन के गहरे प्रभाव को भी दिखाया गया है।
  2. बाल फिल्म स्टूडियो: यहाँ आगुंतकों, विशेष रूप से बच्चों को फिल्म निर्माण के विज्ञान, प्रौद्योगिकी और कला को जानने का मौका मिलेगा।
  3. प्रौद्योगिकी, रचनात्मकता और भारतीय सिनेमा: यहाँ भारतीय फिल्मकारों द्वारा प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल की जानकारी मिलेगी। रजत पटल पर फिल्मकारों के सिनेमाई प्रभाव को भी पेश किया गया है।
  4. भारतीय सिनेमा: यहाँ देशभर की सिनेमा संस्कृति को दर्शाया गया है।

गुलशन महल:

गुलशन महल को मूल रूप से गुलशन आबाद (समृद्धि का बगीचा) के रूप में जाना जाता है। इसका निर्माण 1800 शताब्दी के मध्य में किया गया था। यहाँ पर भारतीय सिनेमा के 100 वर्ष से अधिक समय की यात्रा दर्शाई गई है। इसे 9 वर्गों में विभाजित किया गया है, जिनमें शामिल हैं-

  1. सिनेमा की उत्पत्ति
  2. भारत में सिनेमा का आगमन
  3. भारतीय मूक फिल्म
  4. ध्वनि की शुरूआत
  5. स्टूडियो युग
  6. द्वितीय विश्व युद्ध का प्रभाव
  7. रचनात्मक जीवंतता
  8. नई विचारधारा और उससे आगे/न्यू वेव एंड बियॉन्ड
  9. क्षेत्रीय सिनेमा