मिशेल बैचेलेट संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख नियुक्त

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चिली की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बैचेलेट (66) को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो ग्युटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र के नए मानवाधिकार प्रमुख के रूप में चुना है। बैचलेट जॉर्डन के राजनयिक ज़ीद राद अल हुसैन की उत्तराधिकारी होंगी।
बैचलेट का नाम अब 193 सदस्यीय संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा विचार और अनुमोदन के लिए आगे जाएगा। सुश्री बाचेलेत संयुक्‍त राष्‍ट्र की सातवीं मानवाधिकार उच्‍चायुक्‍त होंगी।

मिशेल बैचलेट ने 2006 से 2010 तक और 2014 से 2018 तक दो बार चिली के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया है। राष्ट्रपति के रूप में उनका दूसरा चार साल का कार्यकाल इस साल की शुरुआत में समाप्त हुआ था। उन्होंने चिली में रक्षा मंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के रूप में भी कार्य किया है।

वह शीर्ष स्थान पर कब्जा करने के लिए अपने देश की पहली महिला थीं और महिलाओं के अधिकारों के लिए एक मजबूत वकील के रूप में जानी जाती है।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद:

संयुक्त राष्ट्र संघ ने मानव अधिकार आयोग की स्थापना वर्ष 1946-47 में आर्थिक एवं सामाजिक परिषद् की एक कार्यात्मक समिति के रूप में की थी, जिसका मुख्य कार्य-प्रतिवेदन तैयार करना, अधिकारों के अंतर्राष्ट्रीय बिल, नागरिक स्वतंत्रता, स्त्री दशा एवं मानवाधिकार सम्बन्धी विषयों पर अपनी अनुशंसाएं प्रकट करना था। दिसम्बर 1993 में महासभा ने मानवाधिकार गतिविधियों के प्रति जिम्मेदारी निश्चित करने के लिए मानवाधिकार उच्चायुक्त का पद सृजित किया। 15 मार्च, 2006 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने एक नई मानवाधिकार परिषद् के गठन का प्रस्ताव पारित किया। आयोग को 16 जून, 2006 को समाप्त कर दिया गया तथा 19 जून, 2006 को परिषद की प्रथम बैठक आयोजित की गई। उल्लेखनीय है कि नई परिषद् स्थायी है तथा प्रत्यक्ष रूप से महासभा के अधीनस्थ है।