मार्शल आइलैंड ने अपनी आभासी मुद्रा जारी की

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मार्शल आइलैंड ने हाल ही में विश्व की पहली कानूनी मान्यता प्राप्त क्रिप्टो-करेंसी लॉन्च की ताकि देश की अर्थव्यवस्था में सुधार लाया जा सके एवं बिल इत्यादि भरने के लिए कैश जुटाया जा सके। क्रिप्टो-करेंसी जारी करने के लिए मार्शल आइलैंड के अधिकारियों ने इज़राइल की कम्पनी नीमा के साथ समझौता किया है। नीमा 24 मिलियन यूनिट डिजिटल करेंसी SOV (Sovereign) जारी करेगी। महंगाई से बचने के लिए इसे सीमित संख्या में जारी किया जायेगा।

प्रशांत महासागर में स्थित मार्शल आइलैंड क्रिप्टो करेंसी को अपने लीगल टेंडर (कानूनी निविदा) के तौर पर घोषित करने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। यहाँ की संसद ने अपनी डिजिटल मुद्रा बनाने के लिए कानून पारित किया है।

इससे पहले किसी भी अन्य देश में डिजिटल करेंसी को इतना महत्व नहीं दिया गया था। इस डिजिटल करेंसी को आइलैंड में अमेरिकी डॉलर के समतुल्य पेमेंट के लिए उपयोग किया जा सकेगा। वर्तमान समय में इस आइलैंड पर अमेरिकी डॉलर का ही बतौर करेंसी प्रयोग किया जाता है।

इससे पहले वेनेज़ुएला ने भी अपनी स्वयं की क्रिप्टो-करेंसी ‘पेट्रो’ लॉन्च की थी लेकिन इसे संसद में मंजूरी नहीं दी गयी थी।

मार्शल आइलैंड की योजना के अनुसार कुछ डिजिटल करेंसी को चुनिंदा अंतरराष्ट्रीय निवेशकों को बेचा जायेगा तथा बाकी कार्यों में लगाया जायेगा। विदेशी निवेशकों को छह मिलियन एसओवी दिए जायेंगे तथा इससे जुटाई जाने वाली मुद्रा से बजट को सहायता दी जायेगा, जलवायु-परिवर्तन कार्यक्रमों तथा अमेरिकी परमाणु परीक्षणों से प्रभावित लोगों की सहायता की जाएगी। 

मार्शल आइलैंड पर जारी की जाने वाली 24 मिलियन क्रिप्टो-करेंसी में से आधी सरकारी खजाने में जाएगी जबकि आधी राशि को इज़राइल की वित्तीय तकनीकी कंपनी को परियोजना शुरू करने के लिए दिया जायेगा। आइलैंड के नागरिकों को 2.4 मिलियन SOV प्राप्त होंगे।