मार्च समसामयिकी : भाग 1

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इस लेख में कुछ महत्वपूर्ण घटनाओं का सारांश सम्मिलित किया जा रहा है। अपनी परीक्षा की तैयारी हेतु इसका ध्यानपूर्वक अध्ययन करें।

1. उत्तर प्रदेश में इंडो-रूस राइफल परियोजना की शुरुआत:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के अमेठी की ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में इंडो-रूस राइफल परियोजना की शुरुआत की। अमेठी की कोरवा आयुध फैक्टरी में भारत और रूस की संयुक्त परियोजना के तहत विश्व प्रसिद्ध कलाश्निकोव राइफलों के नवीनतम मॉडल बनाए जाएंगे। इस फैक्ट्री में लाखों की संख्या में AK-203 का निर्माण किया जाएगा, जो AK-103 का अपग्रेडेड वर्जन है। फिलहाल भारत की तीनों सेनाओं के पास इंसास असॉल्ट राइफल हैं, जो कि पुरानी पड़ चुकी हैं।

कलाश्निकोव राइफल (Kalashnikov Rifle) मिखाइल कलाश्निकोव द्वारा बनाई और इनके नाम पर ही इन राइफलों को यह नाम मिला है।

2. विश्व वन्यजीव दिवस : 03 मार्च 

03 मार्च को दुनियाभर में विश्व वन्यजीव दिवस का आयोजन किया गया। विश्व वन्यजीव दिवस 2019 की थीम Life Below Water: for People & Planet रखी गई है।

संकटग्रस्त जीवों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और उनको विलुप्त होने से बचाने के लिये संयुक्त राष्ट्र महासभा ने 20 दिसंबर, 2013 को वन्यजीवों के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने के लिये इस दिवस को मनाने की पहल की थी।

गौरतलब है कि भारत में वन और वन्यजीवों को संविधान की समवर्ती सूची में रखा गया है। एक केंद्रीय मंत्रालय वन्यजीव संरक्षण संबंधी नीतियों और नियोजन के संबंध में दिशा-निर्देश बनाने और जारी करने का काम करता है तथा राज्यों के वन विभाग राष्ट्रीय नीतियों को कार्यान्वित करते हैं।

3. चीन ने अपने रक्षा बजट में 7.5 फीसद की वृद्धि किया:

चीन ने 5 मार्च को 2019 के रक्षा बजट में 7.5 फीसद की वृद्धि का फैसला किया है। इस वृद्धि के बाद वहाँ का रक्षा बजट 177.61 अरब डॉलर हो गया है।

यह राशि भारत के रक्षा बजट के मुकाबले तीन गुना से भी अधिक है। भारत के रक्षा बजट को इस साल 6.87 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 3.18 लाख करोड़ रुपए करने का फैसला किया गया था।

4. असम में राइस नॉलेज बैंक की शुरुआत:

हाल ही में असम में राइस नॉलेज बैंक की शुरुआत हुई है। यह एक कृषि वेब पोर्टल है जो चावल उत्पादन प्रौद्योगिकियों और तकनीकों, उत्पादन के सर्वोत्तम तरीकों और राज्य कृषि के बारे में ज्ञान बढ़ाने के लिये समर्पित है। इसे विश्व बैंक द्वारा वित्तपोषित परियोजना-कृषि-व्यवसाय और ग्रामीण परिवर्तन(APART) के तहत लॉन्च किया गया है।

यह पोर्टल अंतर्राष्ट्रीय चावल अनुसंधान संस्थान (IRRI) की तकनीकी सहायता के साथ असम रूरल इन्फ्रास्ट्रक्चर एंड एग्रीकल्चर सर्विसेज़ सोसाइटी (ARIAS) तथा असम एग्रीकल्चरल यूनिवर्सिटी (AAU) के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है। इसका प्रमुख उद्देश्य असम में छोटे किसानों के लिये अनुसंधान और ऑन-फील्ड चावल उत्पादन तरीकों के बीच अंतर को कम करना है।