महाराष्ट्र में प्लास्टिक पर पूर्ण प्रतिबंध लगा

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23 जून 2018 से महाराष्ट्र राज्य में प्लास्टिक पर प्रतिबंध लागू हो गया है। प्रतिबंध के बाद कोई भी अगर पोलॉथिन या डिस्पोजल का इस्तेमाल करता पाया गया तो उसे सजा मिलेगी। प्लास्टिक में इंजेक्शन या दूसरी चीजों से जंगली जानवरों को होने वाले नुकसान और पर्यावरणीय जोखिमों का हवाला देते हुए सरकार ने तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लागू किया है।

ब्रांडेड दूध के पैकेट, बोतलबंद पानी, ब्रांडेड फूड, जूस के पैकेट, ब्रांडेड शर्ट, ड्रेस, तेल, कोला बोतल को बैन से बाहर रखा गया है। इसके अलावा प्लास्टिक एवं थर्माकोल के उत्पाद बेचने या इस्तेमाल करते पाए जाने पर महाराष्ट्र नॉन बायोडिग्रेबल गार्बेज कंट्रोल एक्ट के तहत पहली बार पकड़े जाने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना, दूसरी बार पकड़े जाने पर दस हजार और तीसरी बार पकड़े जाने पर तीन महीने की जेल एवं 25 हजार रुपये जुर्माना देना होगा। 

उल्लेखनीय है कि 23 मार्च, 2018 को महाराष्ट्र सरकार ने निर्माण, उपयोग, बिक्री, परिवहन, वितरण, थोक और खुदरा बिक्री और भंडारण, प्लास्टिक बैग के आयात और प्लास्टिक और थर्मोकॉल से बने डिस्पोजेबल उत्पादों पर प्रतिबंध लगा दिया था। इसे 23 जून से लागू करने की तिथि तय की गई थी। इस बीच सरकार ने प्लास्टिक उत्पादकों, वितरकों और उपभोक्ताओं को अपने मौजूदा स्टॉक का निपटान करने और इसके विकल्प तलाशने के लिए तीन महीने का वक्त दिया था।