भौतिकी के क्षेत्र में नोबल पुरस्कार 2018 की घोषणा

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अमेरिकी खगोलविज्ञानियों बैरी बैरिश, किप थॉर्न और रायनर वीस को गुरुत्व तरंगों की खोज के लिए साल 2018 का भौतिक विज्ञान का नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई है। इन्होंने लेजर इंटरफेरोमीटर ग्रैविटेशनल वेव आबजर्विटी (LEGO) के क्षेत्र में काम किया है।

रायनर वीस: वीस का जन्म 1932 में जर्मनी के बर्लिन में हुआ। 1962 में उन्होंने कैंब्रिज के मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पीएचडी की। वे इसी इंस्टीट्यूट में प्रोफेसर हैं।

बैरी सी बैरिश: बैरिश का जन्म 1936 में अमेरिका के आेमाहा में हुआ। 1962 में उन्होंने बर्कले की कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। पासादेना की कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में वे फिजिक्स के प्रोफेसर हैं।

किप एस. थॉर्न: थॉर्न का जन्म 1940 में अमेरिका के लोगन में हुआ। उन्होंने 1965 में अमेरिका की प्रिंस्टन यूनिवर्सिटी से पीएचडी की। वे पासादेना की कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में थेयोरेटिकल फिजिक्स के प्रोफेसर हैं।

इन्हें इनाम के तौर पर 90 लाख स्वीडिश क्रोन (करीब 7.25 करोड़ रुपए) दिए जाएंगे। इनामी रकम का आधा हिस्सा रायनर वीस को दिया जाएगा, जबकि आधे हिस्से के दो बराबर भाग बैरिश और थॉर्न के बीच बांटे जाएंगे।

वैज्ञानिकों की खोज:

नोबेल पाने वाले तीनों वैज्ञानिक लीगो (लेजर इंटरफरोमीटर ग्रैविटेशनल-वेव ऑब्जर्वेट्री) के महत्वपूर्ण सदस्य हैं। पिछले साल इसी वैज्ञानिक संस्था को पहली बार गुरुत्व तरंगों की पहचान करने में सफलता मिली। लीगो ने वॉशिंगटन और लूईज़ियाना में दो प्रमुख डिटेक्टर लगाए हैं जिससे अंतरिक्ष में रिपल्स की पहचान की जा सके।

फरवरी 2016 में लीगो ने घोषणा की थी कि उसकी ऑब्जर्वेट्री में पहली बार 1.3 अरब प्रकाश वर्ष दूर ब्लैक होल्स की टक्कर से उत्पन्न हुई तरंगों को कैच किया गया है।

इस शोध ने खगोल विज्ञान के क्षेत्र में बड़ी क्रांति ला दी। ब्रह्मांड में मौजूद ब्लैक होल के गूढ़ रहस्यों को समझने की दिशा में यह एक बड़ी खोज है। इसके बाद से लीगो ने तीन अतिरिक्त ब्लैक होल के मर्जर की पहचान की है। इससे अब वैज्ञानिक यह समझने की दिशा में आगे बढ़े हैं कि ये गुरुत्व तरंगें कहां से बन रही हैं।