भारत में पहली बायो-फ्यूल फ्लाइट का सफल परीक्षण किया

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स्पाइसजेट ने 26 अगस्त 2018 को बायोफ्यूल से उड़ने वाले विमान का सफल परीक्षण किया। स्पाइसजेट के विमान क्यू-400 को देहरादून में ही 10 मिनट तक बायो-फ्यूल के साथ उड़ाया गया। इस उड़ान के बाद इसे बायो-फ्यूल द्वारा ही देहरादून से दिल्ली तक लाया जायेगा। यह भारत में बायोफ्यूल से उड़ने वाली पहली फ्लाइट है। यह बायो-फ्यूल जेट्रोफा पौधे से तैयार किया गया है।

अभी तक केवल अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे विकसित देशों में यह प्रयोग सफल रहा है। काउंसिल ऑफ़ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च के तहत देहरादून में संचालित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ़ पेट्रोलियम ने 400 किलोग्राम बायो जेट फ्यूल तैयार किया है।

छत्तीसगढ़ में 500 किसानों से जेट्रोफा के दो टन बीज लिये गये, जिनसे 400 लीटर फ्यूल बनाया गया। परीक्षण के समय विमान में 300 लीटर बायोफ्यूल के साथ 900 लीटर एटीएफ विमान के दाहिने विंग में भरा गया बायें विंग में 1200 लीटर एटीएफ इमरजेंसी के लिये रखा गया। बायो-फ्यूल पर काम कर रहे अधिकारियों ने इस उड़ान के दौरान विमान में सफर किया। विमान ने सफलतापूर्वक सामान्य टेक-ऑफ और लैंडिंग की। स्पाइसजेट का चयन इसलिये किया गया क्योंकि उसके विमानों में बायोफ्यूल को इस्तेमाल करने वाले इंजन लगे हैं।

भारत में विमानों में यदि बायोफ्यूल का उपयोग होने लगे तो प्रत्येक वर्ष 4000 टन कार्बन डाई ऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा। पारंपरिक ईंधन की तुलना में ऑपरेटिंग लागत भी 17 प्रतिशत से 20 प्रतिशत  तक कम हो जायेगी। भारत में बायोफ्यूल के आयात पर निर्भरता कम होगी।