भारत मातृ और शिशु स्वास्थ्य पर वैश्विक सम्मेलन की मेजबानी करेगा

0
148

भारत दिसंबर 2018 में यूनिसेफ की मातृत्व, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य हितधारकों की भागादीरी बैठक की मेजबानी करेगा। इसमें करीब 100 देशों के प्रतिभागी शामिल होंगे। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय पार्टनर्शिप फॉर मैटेरनल, न्यूबॉर्न और चाइल्ड हेल्थ (पीएमएनसीएच) के साथ मिलकर दिसंबर 2018 में कार्यक्रम की मेजबानी करेगा।

वर्ष 2010 के बाद यह दूसरी बार है जब भारत में यूनिसेफ का यह कार्यक्रम आयोजित होगा। भारत ने मातृ स्वास्थ्य और बाल मृत्यु दर संकेतकों में सुधार करने में महत्वपूर्ण प्रगति की है।

उद्देश्य:

मातृत्व, नवजात एवं बाल स्वास्थ्य हितधारकों का मंच जन केंद्रित जवाबदेही के महत्व, अभिनव कार्यक्रमों एवं रचनात्मक परियोजनाओं के माध्यम से महिलाओं, बच्चों और किशोरों के पक्ष और वास्तविक परिवेश को सामने लाने पर बल देगा।

यूनीसेफ:

इसकी स्थापना संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने 11 दिसंबर 1946 को की थी। वर्ष 1953 में यूनीसेफ, संयुक्त राष्ट्र का स्थाई सदस्य बन गया। इसका मुख्यालय न्यूयॉर्क में है।

यूनीसेफ को वर्ष 1965 में उसके बेहतर कार्य के लिए शांति के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 1989 में संगठन को इंदिरा गाँधी शांति पुरस्कार भी प्रदान किया गया था। इसके 120 से अधिक शहरों में कार्यालय हैं और 190 से अधिक स्थानों पर इसके कर्मचारी कार्यरत हैं।

वर्तमान में यूनीसेफ मुख्यत: पांच प्राथमिकताओं पर केन्द्रित है। बच्चों का विकास, बुनियादी शिक्षा, बच्चों का हिंसा से बचाव, शोषण, बाल-श्रम के विरोध में, एचआईवी एड्स और बच्चों, बच्चों के अधिकारों के वैधानिक संघर्ष के लिए काम करता है।