भारत ने ‘क्राइस्टचर्च कॉल’ नामक पहल पर हस्ताक्षर किये

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15 मई, 2019 को विश्व के 17 देशों, यूरोपीय आयोग तथा विश्व आठ बड़ी प्रौद्योगिकी कंपनियों ने पेरिस में ‘क्राइस्टचर्च कॉल टू एक्शन’ समझौता पर हस्ताक्षर किया। भारत ने भी इस एकॉर्ड पर हस्ताक्षर किया जो न्यूजीलैंड की पहल से संभव हो सका। इसके अंतर्गत सोशल मीडिया पर चरमपंथी और हिंसक सामग्रियों को हटाने का प्रावधान किया गया है।

  • इसका उद्देेश्य न्यूजीलैंड के क्राइस्टचर्च मस्जिद आतंकवादी हमले के परिप्रेक्ष्य में सोशन मीडिया पर आतंकवादी एवं हिंसक उग्रवादी कंटेंट का उन्मूलन करना है।
  • 15 मार्च, 2019 के क्राइस्टचर्च मस्जिद आतंकवादी हमले में ऑनलाइन कंटेंट की भूमिका सामने आयी थी। इसी के आलोक में आतंकवाद व उग्रवाद से जुड़े कंटेंट के प्रसार को रोकने के लिए उपर्युक्त देश सामने आए हैं।
  • उपर्युक्त एकॉर्ड स्वैच्छिक है और विभिन्न देशों, संगठनों एवं प्रौद्योगिकी कंपनियों से सामूहिक तौर पर और स्वैच्छिक रूप से ऐसे कंटेंट से निपटने का आह्वान करता है।

इस सम्मलेन में ब्रिटेन, फ्राँस, कनाडा,आयरलैंड, सेनेगल, इंडोनेशिया,जोर्डन एवं यूरोपियन यूनियन के नेताओं के साथ ही बड़ी तकनीकी कंपनियाँ जैसे- ट्विटर . गूगल, माइक्रोसॉफ्ट आदि शामिल हुए। भारत की तरफ से इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव अजय प्रकाश साहनी ने भाग लिया।