भारत ने ‘अग्नि-5’ मिसाइल का सफल परीक्षण किया

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भारत ने 03 जून 2018 को ओडिशा के बालासोर में परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम और स्वदेश में विकसित लंबी दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-5 का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। यह अग्नि-5 का छठा परीक्षण था और यह पूरी तरह सफल रहा। अग्नि 5 के लॉन्चिंग सिस्टम में कैनिस्टर तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसकी वजह से इस मिसाइल को कहीं भी बड़ी आसानी से ट्रांसपोर्ट किया जा सकता है।

मिसाइल की विशेषताएँ:

  • इस मिसाइल को बंगाल की खाड़ी में डॉ। अब्दुल कलाम द्वीप पर एकीकृत परीक्षण रेंज (ITR) के लांच पैड-4 से सचल प्रक्षेपक (मोबाइल लांचर) की मदद से प्रक्षेपित किया गया।
  • रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित यह मिसाइल बेहद शक्तिशाली है, और 5,000 किलोमीटर तक मार कर सकती है। यह कई हथियार एक साथ ले जाने में सक्षम है।
  • यह मिसाइल एंटी बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम के खिलाफ कार्रवाई करने में सक्षम है।
  • इस मिसाइल की ऊंचाई 17 मीटर, जबकि व्यास 2 मीटर है। इसका वजन करीब 20 टन है। इसकी गति ध्वनि की गति से 24 गुना ज्यादा है।
  • अग्नि 5 मिसाइल से छोटे सैटेलाइट छोड़े जा सकेंगे। इससे दुश्मनों के सेटेलाइट को नष्ट करने में भी मदद मिलेगी। यह मिसाइल एक बार छूटी तो रोकी नहीं जा सकेगी। यह 1000 किलो का न्यूक्लियर हथियार ले जा सकेगी।
  • अग्नि 5 मिसाइल की कामयाबी से भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी क्योंकि न सिर्फ इसकी मारक क्षमता 5 हजार किलोमीटर है, बल्कि ये परमाणु हथियारों को भी ले जाने में सक्षम है।