भारत के चिड़ियाघर में पहले हम्बोल्ट पेंगुइन का जन्म हुआ

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मुंबई स्थित भायखला चिड़ियाघर में 15 अगस्त 2018 को देश के पहले पेंगुइन का जन्म हुआ। हम्बोल्ट प्रजाति के इस पेंगुइन का जन्म वन्यजीव विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ।

वर्ष 2017 में दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल से 8 हम्बोल्ट पेंगुइन को मुंबई के भायखला चिड़ियाघर में लाया गया था। इनमे से साढ़े चार साल की मादा हम्बोल्ट पेंगुइन फ्लीपर ने मोल्ट के साथ मिलकर पांच जुलाई को एक अंडा दिया था जिससे इस पेंगुइन का जन्म हुआ।

पेंगुइन आम तौर पर साढ़े तीन साल की उम्र में अंडे देते है, लेकिन फ्लीपर साढ़े चार साल की मादा हम्बोल्ट है। इनके लिये मुंबई में भायखला चिड़ियाघर में रहने के लिये  विशेष बंदोबस्त किये गये थे। इस चिड़ियाघर में मौजूद सात पेंगुइन में से मोल्ट सबसे छोटा है और फ्लिपर इस दल में सबसे बड़ी है। नन्हा चूजा इन दोनों की ही संतान है।

मार्च-अप्रैल और अक्टूबर-नवंबर पेंगुइन प्रजनन के मौसम होते है। चिड़ियाघर के अधिकारियों ने नवजात चूजे की तस्वीर और एक छोटा वीडियो भी जारी किया है लेकिन इसे अभी आम जनता को देखने की अनुमति नहीं होगी।

हम्बोल्ट पेंगुइन:

हम्बोल्ट पेंगुइन को पेरुवियन पेंगुइन भी कहा जाता है। यह दक्षिण अमेरिकी पेंगुइन है जो चिली और पेरू के तटवर्ती इलाकों में पाया जाता है। यह मध्यम आकार के पेंगुइन होते हैं जिनका आकार 56 से 70 सेंटीमीटर (22-28 इंच) होता है तथा इनका वजन 3.6-5.9 किलोग्राम तक होता है। इनके सिर एवं शरीर के ऊपरी भाग का रंग गहरा होता है तथा छाती पर भी काला बैंड होता है।

जलवायु परिवर्तन के कारण इनकी गिनती तेजी से घट रही है। एक अनुमान के अनुसार विश्वभर में इस पेंगुइन की जनसंख्या 10,000 तक रह गयी है। अमेरिका ने इसे वर्ष 2010 में लुप्तप्राय प्रजाति अधिनियम के तहत अधिसूचित किया था।