भारत और भूटान के बीच 10 विभिन्न समझौतों पर हस्ताक्षर

0
11

नरेंद्र मोदी के दूसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद अपनी पहली विदेश यात्रा के लिये एक बार फिर भूटान को चुना। इस दौरान भारत और भूटान के बीच 10 विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए। अंतरिक्ष, विज्ञान, इंजीनियरिंग, न्यायिक और संचार सहित इन सहयोग समझौतों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वहां के प्रधानमंत्री लोटे शेरिंग के बीच शिष्टमंडल स्तर की वार्ता के बाद इन समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए। 

  1. अंतरिक्ष के क्षेत्र में सहयोग समझौते से भूटान को संचार, लोक प्रसारण और आपदा प्रबंधन के क्षेत्र में मदद मिलेगी। साथ ही भूटान की आवश्यकतानुसार अतिरिक्त बैंडविड्थ और ट्रांसपोंडर भी उपलब्ध कराया जाएगा।
  2. भूटान में दक्षिण एशिया उपग्रह के इस्तेमाल के लिये इसरो के सहयोग के साथ विकसित सैटकॉम नेटवर्क और ग्राउंड अर्थ स्टेशन की शुरुआत भी की गई।
  3. नागरिक उड्डयन, शिक्षा और ज्ञान के क्षेत्र में भी सहयोग समझौतों को अंजाम दिया दोनों देशों ने ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग का समझौता भी किया और इसमें बिजली खरीद समझौते पर भारत की पीटीसी इंडिया लिमिटेड और भूटान की ड्रक ग्रीन पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड ने हस्ताक्षर किये।
  4. न्यायिक क्षेत्र में सहयोग के लिये भूटान के राष्ट्रीय विधि संस्थान के के साथ समझौता हुआ।
  5. भूटान के जिग्मे सिंग्ये वांगचुक स्कूल आफ लॉ और भारत के नेशनल लॉ स्कूल बेंगलुरु के बीच सहयोग के समझौते पर भी हस्ताक्षर किये गए।
  6. शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग पर भी दोनों देशों के बीच सहमति बनी और भूटान रॉयल विश्वविद्यालय ने IIT कानपुर, दिल्ली, मुंबई और सिलचर के साथ भी सहयोग के समझौतों पर हस्ताक्षर किये गए।
  7. नरेंद्र मोदी ने मांगदेछू पनबिजली ऊर्जा संयंत्र की शुरुआत की और भारत-भूटान पनबिजली सहयोग के पाँच दशक पूरे होने के उपलक्ष्य में डाक टिकट भी जारी किया। 
  8. दक्षेस मुद्रास्वैप के तहत भूटान की विदेशी विनिमय की ज़रूरत को पूरा करने के लिये वैकल्पिक स्वैप व्यवस्था के तहत उसे अतिरिक्त 10 करोड़ डॉलर उपलब्ध कराए जाएंगे।
  9. भारत के नेशनल नॉलेज नेटवर्क और भूटान के ड्रक रिसर्च एंड एजुकेशन नेटवर्क के बीच अंतर-संपर्क की ई-वॉल का भी अनावरण किया गया तथा भारत ने भूटान की पंचवर्षीय योजना में सहयोग जारी रखने की बात कही।
  10. इसके अलावा भूटान में रुपे कार्ड की शुरुआत की गई, जिससे डिजिटल भुगतान और व्यापार तथा पर्यटन में संबंध और मज़बूत होंगे।