भारत-ईरान में 9 समझौते ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये गये

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भारत के तीन दिन के दौरे पर आए ईरान के राष्ट्रपति हसन रूहानी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच 17 फरवरी 2018 को कई अहम मुद्दों पर समझौते हुए। चाबहार पोर्ट को प्रमुखता देते हुए दोनों देशों के बीच डबल टैक्सेशन से बचने, वीजा नियम आसान करने और प्रत्यर्पण संधि समेत 9 समझौतों पर हस्ताक्षर हुए।

प्रमुख समझौते:

  1. दोहरा कराधान से बचने और करचोरी रोकने का समझौता
  2. राजनयिकों के लिये वीजा छूट पर समझौता
  3. प्रत्यर्पण संधि के दस्तावेज का आदान प्रदान
  4. चाबाहार के शाहिद बेहेस्ती बंदरगाह के पहले चरण को पट्टे पर देने का अनुबंध
  5. पारम्परिक औषधि में सहयोग का समझौता
  6. आपसी रुचि के क्षेत्रों में व्यापार संवर्द्धन के लिये विशेषज्ञ दल के गठन पर समझौता
  7. कृषि और सम्बद्ध क्षेत्रों में सहयोग का समझौता
  8. स्वास्थ्य और चिकित्सा के क्षेत्र में सहयोग का समझौता
  9. डाक सहयोग पर समझौता

भारत-ईरान संबंध:

भारत और ईरान का सम्बन्ध प्रागैतिहासिक काल से ही देखा गया है। सिंधु घाटी की मुहरों को मेसोपोटामिया, बेविलोन, उर, लगाश जैसे प्रागैतिहासिक स्थलो पर पाया गया है। ऐतिहासिक-युगो में स्थलमार्ग से ईरान के शासकवर्ग एवं आम लोग व्यक्तिगत प्रयासो से भारत के पश्चिमोत्तर भागो में आये। इसके अलावा इस समय भारत-ईरानी आर्यो का अन्तरसम्बन्ध भी महत्वपूर्ण है। भारत-ईरानी आर्यो के मूल स्थान, धर्म, समाज, सांस्कृतिक क्रिया-कलाप बहुत मिलते-जुलते हैं इसलिए दोनों देशों के लोगों को आपसी तालमेल में दिक्कत महसूस नहीं हुई।