भारतीय मूल के विदेशी नागरिक को भी राष्ट्रीय पेंशन योजना में पंजीकरण की अनुमति

0
12

पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने सर्कुलर नम्बर पीएफआरडीए/2019/19/पीडीईएस/3 तिथि 29 अक्टूबर, 2019 के जरिये प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) की तरह भारतीय विदेशी नागरिकों (ओसीआई) को भी राष्ट्रीय पेंशन योजना (एनपीएस) में पंजीकरण की अनुमति प्रदान कर दी है।

सरकार ने आर्थिक कार्य विभाग के विदेशी मुद्रा प्रबंधन (गैर-ऋण उपकरण) नियम, 2019 के मद्देनजर अधिसूचना एसओ 3732 (ई) तिथि 17 अक्टूबर, 2019 के जरिये स्पष्ट किया है कि ओसीआई राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए ऐसे व्यक्तियों को पीएफआरडीए अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार निवेश करने का पात्र होना चाहिए।

एनपीएस में किये जाने वाले योगदान को 50,000 रुपये की सीमा तक धारा 80सीसीडी (1बी) के तहत अतिरिक्त कर कटौती के योग्य माना जाएगा, जो धारा 80सीसीडी (1) के मद्देनजर 1,50,000 रुपये की अधिकतम सीमा के अनुरूप होगा। केंद्रीय बजट 2019 में एनपीएस से परिपक्वता पर या पूरी रकम एकमुश्त निकालने के लिए कर छूट को आयकर अधिनियम की धारा 10 (12ए) के तहत मौजूदा 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।

पेंशन निधि नियामक एवं विकास प्राधिकरण:

यह संसद द्वारा पारित कानून के तहत एक वैधानिक प्राधिकरण है, जो राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली तथा पेंशन योजनाओं को नियमित, प्रोत्साहित और सुनिश्चित करता है। उल्लेखनीय है कि 26 अक्टूबर, 2019 तक एनपीएस और अटल पेंशन योजना में शामिल होने वालों की संख्या 3.18 करोड़ से अधिक हो गई है। 66 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने एनपीएस के तहत पंजीकरण कराया है। इसी तरह निजी क्षेत्र में 99.2 लाख लोग एनपीएस में शामिल हुए हैं।