बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक और देना बैंक के विलय को स्‍वीकृति

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केन्‍द्रीय मंत्रिमंडल ने 2 जनवरी, 2019 को बैंक ऑफ बड़ौदा, विजया बैंक तथा देना बैंक के विलय के लिए विलय योजना को अपनी मंजूरी दे दी है। बैंक ऑफ बड़ौदाहस्‍तांतरिती बैंक होगा और विजया बैंक तथा देना बैंक हस्‍तांतरणकर्ता बैंक होंगे। भारत में पहली बार यह त्रिपक्षीय विलय होगा। विलय के बाद यह बैंक भारत का दूसरा सबसे बड़ा सार्वजनिक बैंक होगा।

  • योजना 01.04.2019 से प्रभावी होगी।
  • योजना प्रारंभ होने पर हस्‍तांतरणकर्ता बैंकों के सभी व्‍यवसाय हस्‍तांतरिती बैंक को हस्‍तांतरित कर दिये जाएंगे और हस्‍तांतरिती बैंक के पास सभी व्‍यवसाय परिसम्‍पत्तियां, अधिकार, स्‍वामित्‍व, दावे, लाइसेंस, स्‍वीकृतियां, अन्‍य विशेषा‍धिकार और सभी सम्‍पत्ति, सभी उधारी, देनदारियां और दायित्‍व होंगे।
  • हस्‍तांतरणकर्ता बैंक के सभी स्‍थायी और नियमित अधिकारी या कर्मचारी हस्‍तांतरिती बैंक में अधिकारी और कर्मचारी होंगे। हस्‍तांतरिती बैंक में उनकी सेवा में दिये जाने वाले वेतन और भत्‍ते हस्‍तांतरणकर्ता बैंकों के अपने-अपने वेतन और भत्‍ते से कम आकर्षक नहीं होंगे।
  • हस्‍तांतरिती बैंक का बोर्ड यह सुनिश्चित करेगा कि हस्‍तांतरित होने वाले कर्मचारियों और अधिकारियों के हित सुरक्षित है।
  • हस्‍तांतरिती बैंक हस्‍तांतरणकर्ता बैंक के शेयर धारकों को शेयर अदला-बदली अनुपात के अनुसार शेयर जारी करेगा। हस्‍तांतरिती बैंक तथा हस्‍तांतरणकर्ता बैंकों के शेयर धारक शेयर अदला-बदली अनुपात के संबंध में यदि कोई शिकायत है, तो उसे विशेषज्ञ समिति के माध्‍यम से उठाने में सक्षम होंगे।

विलय के बाद बैंक बढ़ती अर्थव्‍यवस्‍था की ऋण जरूरतों को पूरा करने, आघात सहन करने और संसाधन बढ़ाने की क्षमता को पूरा करने में बेहतर तरीके से लैस होगा। बैंक का व्‍यवसाय आकार बढ़ेगा और व्‍यापकता, मुनाफा, व्‍यापक उत्‍पाद पेशकश, टेक्‍नोलॉजी अपनाने और श्रेष्‍ठ व्‍यवहारों की दृष्टि से सुधार होगा और व्‍यापक पहुंच के माध्‍यम से लागत क्षमता, सुधरा हुआ जोखिम प्रबंधन और वित्‍तीय समावेश होगा।