बधिरों के लिए शब्दकोश के दूसरे संस्करण को लांच किया गया

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27 फरवरी 2019 को केन्द्रीय सामाजिक न्याय और आधिकारिता मंत्री थावरचंद गेहलोत ने बधिर लोगों के लिए आईएसएल (इंडियन साईन लेंग्वेज) शब्दकोश के दूसरे संस्करण को आरंभ कर दिया है। इस शब्दकोश को इंडियन साईन लैंग्वेज रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर (आईएसएलआरटीसी) ने तैयार किया है। यह सामाजिक न्याय व आधिकारिता मंत्रालय के दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के अन्तर्गत कार्य करता है।

इस शब्दकोश में शिक्षा, कानून, चिकित्सा एवं तकनीक आदि विषयों से संबंधित 6000 शब्द हैं। यह शब्दकोश ईएसएलआरटीसी के यू-ट्यूब चैनल पर भी उपलब्ध है। यू-ट्यूब चैनल में लगभग एक हजार वीडियो हैं। इससे पहले बधिरों के लिए शब्दकोश का पहला संस्करण 23 मार्च 2018 में लांच किया गया था जिसमें 3 हजार के करीब शब्द शामिल हैं।

यह शब्दकोश आईएसएल शिक्षकों, आईएसएल छात्रों, भाषा संकेतकों, बधिर व्यक्तियों और शोध करने वालों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा। इस शब्दकोश में अंग्रेजी और हिन्दी संकेतों की सूची भी दी गई है।

ध्यान देने योग्य है कि वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार भारत में 50.71 लाख बधिक व्यक्ति हैं। जिसको ध्यान में रखकर इस प्रकार के शब्दकोश को तैयार किया गया है। शब्दकोश का निर्माण लक्ष्य आईएसएल के उपयोग को बढ़ाना और बधिर व्यक्तियों को शिक्षा तथा बेराजगार के बेहतर अवसर प्रदान करेगा। इस शब्दकोश को पढ़कर कोई भी व्यक्ति मूक-बधिरों के संकेतों को समझ सकेगा और उनके संवाद स्थापित कर सकेगा।