प्रसिद्ध लेखक वीएस नायपॉल का निधन

0
25

साहित्य का नोबल पुरस्कार जीतने वाले भारतीय मूल के प्रसिद्ध लेखक वीएस नायपॉल का 11 अगस्त का निधन हो गया। वे 85 वर्ष के थे। उनका पूरा नाम विद्याधर सूरज प्रसाद नायपॉल था। नायपॉल ने अपने साहित्य जीवन में 30 से ज्यादा किताबों का लेखन किया था।

नायपॉल का जन्म 17 अगस्त 1932 में त्रिनिडाड में हुआ था। त्रिनिडाड में पले-बढ़े नायपॉल ने ऑक्सफ़ोर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की थी। वे लंदन स्थित अपने घर में रहते थे। वे आधुनिक युग के प्रसिद्ध अंग्रेजी साहित्यकार थे। उन्हें नूतन अंग्रेज़ी छन्द का गुरू कहा जाता है। 

उन्हें 1971 में बुकर प्राइज और 2001 में साहित्य के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वे कई अन्य साहित्यिक पुरस्कारों से भी सम्मानित किये जा चुके हैं, जिनमें जोन लिलवेलीन रीज पुरस्कार (1958), दी सोमरसेट मोगम अवार्ड (1980), दी होवथोरडन पुरस्कार (1964), दी डबलु एच स्मिथ साहित्यिक अवार्ड (1968), तथा दी डेविड कोहेन पुरस्कार (1993, ब्रिटिश साहित्य मे जीवनपर्यन्त कार्य के लिए), प्रमुख हैं।

‘ए बेंड इन द रिवर’ और ‘अ हाउस फॉर मिस्टर बिस्वास’ उनकी चर्चित कृतियां हैं। नायपॉल की पहली किताब ‘द मिस्टिक मैसर’ 1951 में प्रकाशित हुई थी। नायपॉल की कुछ उल्‍लेखनीय कृतियां हैं: इन ए फ्री स्‍टेट (1971), ए वे इन द वर्ल्‍ड (1994), हाफ ए लाइफ (2001), मैजिक सीड्स (2004)। 2008 में ‘द टाइम्‍स’ ने 50 महान ब्रिटिश लेखकों की सूची में नायपॉल को 7वां स्‍थान दिया था। लेखन की दुनिया में उन्हें काफी प्रसिद्धि हासिल है।